ठेकेदारों ने लगाया नगर निगम पर आरोप कहा निगम बनी भ्रष्टाचार की मण्डी

0
3

awdhesh dandotia
मुरैना। नगरनिगम आयुक्त अमर सत्य गुप्ता द्वारा नगरनिगम में जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। मोटा कमीशन लेकर ठेकेदारों को उनके कार्य का भुगतान किया जा रहा है, जो ठेकेदार कमीशन देने को तैयार नहीं है उनके भुगतान वर्षों से नहीं किए गए हैं। इस निगम में टेंडर प्रक्रिया के तहत करोड़ों के कार्य कर चुके ठेकेदार परेशान है। दीपावली का त्यौहार नजदीक है ऐसे में नगरनिगम आयुक्त द्वारा भुगतान न किया जाना ठेकेदारों के लिए परेशानी का शबब बन गया है। बिना भुगतान के इस बार हमारी दीवाली काली ही रहेगी।
ठेकेदारों ने नगरनिगम में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा है कि भुगतान प्रक्रिया लेखा नियमों के अनुसार पेंडिंग बिलों का भुगतान करने का प्रावधान है समानता से प्रतिशत मान से किए जाने का उल्लेख है।

नगरनिगम मुरैना में लेखापाल के चार पद होते हुए एक ही लेखापाल से सम्पूर्ण कार्य लिया जा रहा है जबकि तीन लेखापाल कार्यालय में उपस्थित हैं। आयुक्त द्वारा एक ही व्यक्ति से काम लिया जाना भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना है।
लेखा शाखा द्वारा बैंकों को पत्र भेजकर ठेकेदारों को भुगतान किए जाना नियम विरूद्ध है एवं भुगतान प्रक्रिया का खुला उल्लंघन है। भुगतान शासन एवं लेखा नियमों के अनुसार ऑलाइन होना चाहिए था। अत: इनके इस कृत्य की जांच होना आवश्यक है।

शासन आदेशानुसार एवं लेखा नियमों के अनुसार कोई भी कार्य बिना बजट टीप के स्वीकृत नहीं किया जाता है। जबकि लेखा शाखा द्वारा प्रतिवर्ष बजट आवंटन पंजी संधारण की जाती है जिसमें परिषद द्वारा स्वीकृत बजट अंकित किया जाता है। बजट टीप अंकित होकर वित्तीय स्वीकृति अनुसार निविदा आमंत्रित कर कार्य आदेश दिया जाता था। लेकिन अर्थ वर्ष 2021 में नियमों का कोई पालन नहीं किया गया है। लेखा नियमों और शासन आदेशों के विपरीत अर्थ वर्ष 2021 में बिना परिषद बजट स्वीकृति के कार्य स्वीकृत कर अपने चहेते ठेकेदारों के अवैध रूप से करोड़ों के भुगतान कर दिए गए हैँ।

आयुक्त द्वारा लेखा शाखा द्वारा अपने चहेतों से मोटी रकम 20 प्रतिशत के मान से लेकर कुछ ठेकेदारों के करोड़ों के भुगतान किए गए हैं। इसकी सत्यता के लिए कैशबिुक एवं बैंक स्टेटमेंटों को सार्वजनिक एवं जांच कर दोषियों को दंडित किया जा सकता है।
बिना बजट प्रावधान के करोड़ों रुपए के कार्य आयुक्त द्वारा स्वीकृत किए गए हैं। जबकि परिषद द्वारा एवं शासन द्वारा बजट स्वीकृत नहीं किया गया है। बिना शासन स्वीकृति के कार्य कराना शासन नियमों के विरूद्ध है।

ठेकेदारों ने अपील की है कि नगर निगम के चल रहे भ्रष्टाचारों की जांच लोकायुक्त एवं आर्थिक अपराध ब्यूरो से कराई जाए।