प्रदेश सरकार गरीबों के कल्याण के लिए संवेदनशील एवं संकल्पबद्ध है: राज्य मंत्री

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जिला मुख्यालय पर अन्न उत्सव का आयोजन, हितग्राहियों को खाद्यान्न एवं पात्रता पर्ची का हुआ वितरण

amjad khan

शाजापुर। प्रदेश की सरकार गरीबों के कल्याण के लिए संवेदनशील एवं संकल्पबद्ध है। यह बात प्रदेश के स्कूल शिक्षा स्वतंत्र प्रभार तथा सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री इन्दरसिंह परमार ने बुधवार को शाजापुर जिला मुख्यालय पर आयोजित हुए अन्न उत्सव समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कही। इस मौके पर कलेक्टर दिनेश जैन, पुलिस अधीक्षक पंकज श्रीवास्तव, जिला पंचायत सीईओ मिशासिंह, अम्बाराम कराड़ा, अरूण भीमावद, मनोहर विश्वकर्मा, प्रदीप चन्द्रवंशी, शीतल भावसार आदि मौजूद थे। समारोह को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री परमार ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने पात्रता से वंचित 25 श्रेणियों के गरीबों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से सस्ता अनाज देने का काम किया है। प्रदेश में ऐसे 37 लाख परिवार लाभांवित होंगे। वन नेशन वन राशन कार्ड के संबंध में बताते हुए कहा कि अब पात्रता धारी कोई भी व्यक्ति अपना राशन किसी भी जिले या अन्य राज्यों से प्राप्त कर सकता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस को गरीब कल्याण सप्ताह के रूप में मनाया जाकर सप्ताहभर विशेष कार्यक्रम आयोजित कर गरीबों को लाभांवित करने का काम किया जा रहा है। गरीबों के कल्याण के लिए संबल योजना पुन: शुरू की गई है। प्रदेश सरकार गरीबों तक शासन की हर योजना और सुविधाओं का लाभ पहुंचाने के लिए कटिबद्ध है। छोटे-छोटे व्यवसाय कर अपनी आजीविका चलाने वाले स्ट्रीट वेंडर्स का लॉकडाउन के कारण काम चौपट हो गया था, उन्हे अपने पैरों पर खड़ा कर व्यवसाय शुरू करने के लिए 10-10 हजार रुपए का बिना ब्याज का ऋण एक वर्ष के लिए प्रदान कर रही है। वर्तमान में प्रदेश के एक लाख शहरी व्यवसायियों को लाभांवित किया गया है। प्रदेश में 8 लाख स्ट्रीट वेंडर्स ने पंजीयन कराया है, उन्हे भी शीघ्र लाभांवित किया जाएगा।

इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में भी छोट-छोटे व्यवसायियों को लाभांवित करने का काम किया जा रहा है। इससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के छोटे-छोटे व्यवसायियों को साहूकारों से कर्ज लेने की जरूरत नही पड़ेगी। उन्होने कहा कि कोरोना माहमारी को अवसर में बदलने का काम प्रदेश सरकार कर रही है। प्रदेश में सुरक्षा के साथ छोटे बच्चों की शिक्षा के लिए ऑनलाईन शिक्षा की अनुमति दी गई है। ऐसे बच्चे जिनके यहां टीवी अथवा मोबाईल नही हैं, उनके लिए अपना घर अपना विद्यालय कार्यक्रम के तहत शिक्षक घर पर जाकर 4-5 बच्चों के छोटे-छोटे समूहों को अध्यापन का कार्य कराएंगे। उन्होने कहा कि वर्षा के कारण फसलें खराब हुई हैं। इसके लिए प्रदेश सरकार किसानों को संबल देने की कोशिश में लगी हुई है। किसानों को सहायता देने में बजट की कमी आढ़े नही आएगी। प्रदेश में लॉकडाउन के दौरान जिस तरह संवेदनशीलता के साथ एवं सेवा भावना से लोगों को मदद पहुंचाई गई है वह किसी अन्य देश में देखने को नही मिला। विपरित परिस्थितियों में भी प्रदेश सरकार गरीबों के साथ खड़ी है। कलेक्टर ने संबोधित करते हुए कहा कि जिले में 344 शासकीय उचित मूल्य की दुकानों से पूर्व में एक लाख 27 हजार 265 परिवार जुड़े थे, अब 6920 परिवारों को और जोड़ा गया है। इस प्रकार नए जोड़े गए परिवारों के 35 हजार सदस्यों को लाभ मिलेगा। इन परिवारों को प्रत्येक सदस्य के मान से 5 किलोग्राम अनाज, एक किलो नमक एक रुपए प्रति किलो की दर से प्रदान किया जाएगा। इसी तरह सभी परिवारों को माह नवंबर तक प्रत्येक सदस्य के मान से 5 किलोग्राम अनाज नि:शुल्क प्रदान किया जाएगा। कलेक्टर ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान 11 हजार 906 परिवारों को नि:शुल्क गेहूं एवं चांवल प्रदान किया गया है। उन्होने बताया कि अन्न उत्सव कार्यक्रम सभी ग्रामों एवं नगरीय क्षेत्रों के वार्डों में हुए हैं।