डिनेचर स्प्रिट पीने से हुई मौतों की एसआईटी जांच शुरू, डॉ. राजौरा ने घटनास्थल पहुंचे

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brijesh parmar
उज्जैन। डिनेचर स्प्रिट पीने से शहर के चार थाना क्षेत्रों में हुई मजदूरों की मौतों के मामले में एसआईटी जांच के लिए गठित समिति ने शुक्रवार सुबह से जांच का काम शुरू कर दिया। समिति प्रमुख के साथ सदस्यों खाराकुंआ थाना क्षेत्रों में जहां से मृतक मजदूर मिले थे उन स्थलों का निरीक्षण करने भी पहुंचे एवं कुछ मजदूरों एवं लोगों से उन्होंने बात भी की है। बाद में खाराकुंआ थाना में बैठकर जांच की कार्रवाई की गई है। शनिवार को इस मामले में गोपनीय जानकारी आमंत्रित की गई है।

एसआईटी प्रमुख एवं अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा के साथ उन्हें सहयोग के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एस.के. झा पुलिस मुख्यालय भोपाल एवं उपपुलिस महानिरीक्षक रतलाम रेंज सुशांत सक्सेना सहयोग के लिए साथ थे। गुरुवार देर रात डॉ. राजौरा उज्जैन पहुंचे थे। शुक्रवार सुबह स्थानीय अधिकारियों एवं एसआईटी सहयोगियों के साथ खाराकुंआ थाना पहुंचे। यहां से उन्होंने नगर निगम के पुराने भवन छत्री चौक पहुंचकर भवन के बाहरी हिस्से का निरीक्षण किया। गौरतलब है कि डिनेचर स्प्रिट बेचने के मामले में पुलिस द्वारा आरोपी बनाए गए युनूस, गब्बर एवं सिकंदर में से गब्बर नगर निगम में डेली वेजेस 89 डेज के कर्मचारी होकर वार्ड 21 में सफाईकर्मी के रूप में पदस्थ है। सिकंदर नगर निगम का अस्थाई कर्मी होकर अतिक्रमण गैंग में छत्रीचौक पर पुराने भवन के अस्थाई रूप से पदस्थ है। नगर निगम उपायुक्त स्वास्थ्य विभाग संजेश गुप्ता के अनुसार नगर निगम आयुक्त के आदेश पर नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। एसपी मनोजकुमार सिंह के अनुसार सिकंदर एवं गब्बर फरार है। उन पर 10-10 हजार का इनाम घोषित किया गया। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दल संभावित ठिकानों पर छापामार कार्रवाई कर रहा है। युनूस को गुरुवार को आगरा भागते समय गिरफ्तार कर लिया गया है।

स्प्रिट आरएच 137 के उपयोग पर रोक लगाई – डॉ. राजौरा
संदिग्ध रूप से मौतों की जांच कर रहे एसआईटी के प्रमुख डॉ. राजेश राजौरा ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में स्प्रिट आरएच 137 का लाट जब्त किया गया है। इसकी प्रदेशभर में जहाँ भी सप्लाय हुई है, वहाँ रोकने के आदेश दिए गए हैं। मृतकों का फोरेंसिक बिसरा जांच के लिए भेजा गया है। स्प्रिट का नमूना भी जांच के लिए भेजा गया है। डॉ. राजौरा ने कहा कि घटना कैसे घटित हुई, क्या कारण रहे हैं, दोषी कौन है, दोषियों पर उचित कार्रवाई के साथ ही इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसकी जांच की जाएगी।उनके अनुसार जांच में सहयोगी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एस के झा,उप पुलिस महानिरीक्षक रतलाम सुशांत सक्सेना उनके साथ पहुंचे हैं।

गोपनीय जानकारी आमंत्रित
डीनेचरस्प्रिट के सेवन से संदिग्ध रूप से हुई मृत्यु के मामले में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा भेजे गए वरिष्ठ अधिकारियों का जांच दल उज्जैन पहुंच चुका है। जांच दल की ओर से अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉक्टर राजेश राजौरा ने बताया है कि घटना से सम्बंधित या स्पिरिट से नशायुक्त पेय बनाने अथवा अवैध शराब निर्माण की जानकारी के संबंध में यदि कोई व्यक्ति जानकारी देना चाहता है तो वह 17 नवंबर को दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक सर्किट हाउस पर आकर जांच दल से मिलकर जानकारी दे सकता है। जानकारी देने वाले व्यक्ति का नाम गोपनीय रखा जाएगा।

कुल 12 व्यक्तियों की संदिग्ध मृत्यु
कलेक्टर आशीष सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि संभवत: डीनेचर्ड स्पिरिट पीने से अब तक (16 अक्टूबर की दोपहर 12 बजकर 48 मिनिट तक) कुल 12 व्यक्तियों की संदिग्ध मृत्यु हुई है। वर्तमान में अन्य किसी भी मृतक का पोस्ट मार्टम शेष नहीं है जो इस प्रकार की घटना से सम्बंधित हो। सभी 12 मृतकों का पोस्ट मार्टम करने के बाद विसरा जांच हेतु ग्वालियर लेबोरेटरी में भेजा जा रहा है। 3 विसरा ग्वालियर लेब पहुँचाए जा चुके हैं।

रातभर टीम ने फुटपाथ से लोगों को घर और रैन बसेरा भेजा
एडीएम नरेन्द्र सूर्यवंशी एवं नगर निगम की टीम ने गुरुवार रात को डॉक्टरों के साथ शहर के विभिन्न क्षेत्र का दौरा किया। फुटपाथ के किनारे रह रहे मजदूरों एवं बेघर लोगों की जांच की, बाहर के व्यक्तियों को रेन बसेरे में शिफ्ट किया गया।
गुरुवार देर रात एडीएम श्री नरेन्द्र सूर्यवंशी डॉक्टर एवं नगर निगम के अधिकारियों के दल के साथ 5 टीम में बंट कर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण पर निकले। उन्होंने विभिन्न वार्डों में जाकर रेन बसेरों का निरीक्षण कर वहाँ ठहरे हुए व्यक्तियों के साथ ही फुटपाथ पर रात्रि विश्राम कर रहे लोगों तक पहुंचकर उनसे बातचीत की व आवश्यकतानुसार उनके स्वास्थ्य का परीक्षण किया। एडीएम की टीम द्वारा जिला हॉस्पिटल के बाहर फुटपाथ के किनारे सो रहे मजदूरों एवं बेघर लोगों की जांच की। उन्होंने उज्जैन के बाहर के व्यक्तियों को रेन बसेरे में शिफ्ट किया। उज्जैन के निवासी व्यक्तियों को उनके घर रवाना किया। कुछ व्यक्ति नशे में मिले, उन्हें अस्पताल में भर्ती कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि गत दिवस रात्रि में संदिग्ध रूप से डीनेचरड स्पिरिट के सेवन से अब तक 12 लोगों की मृत्यु हो चुकी है।

नगर निगम अस्थाई कर्मचारी सिकंदर एवं गब्बर की सेवा समाप्त
जहरीला पेय पदार्थ विक्रय मामले में निगम अस्थाई कर्मचारी सिंकदर पिता अब्दुल वाहीद तथा गब्बर ऊर्फ अब्दुल शकील पिता अब्दुल वहीद का नाम सामने आने पर आयुक्त क्षितिज सिंघल द्वारा उपरोक्त दोनो कर्मचारियों पर तत्काल कार्यवाही करते हुए सेवा समाप्ति के आदेश जारी किये है।थाना खाराकुआं द्वारा पंजीबद्ध रिपोर्ट की विवेचना अंतर्गत सिंकदर पिता अब्दुल वाहीद उम्र 32 साल निवासी मदीना कालोनी जूना सोमवारिया एवं गब्बर ऊर्फ अब्दुल शकील पिता अब्दुल वहीद उम्र 40 साल निवासी 40 क्वाटर, जांसापुरा थाना जीवाजीगंज उज्जैन का कृत्य प्रथम दृष्टया अंतर्गत धारा 328, 304, 34 भा.द.वि. घटित करना पाये जाने पर प्रकरण पंजीबद्ध कर अनुसंधान में लिया गया है।एफआईआर के आधार पर आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल द्वारा प्रकाशित समाचार एवं प्रकरण थाना क्षेत्र में पंजीबद्ध होने से आमजन में निगम की छवि धूमिल हुई है उपरोक्त दोनो कर्मचारियों द्वारा किया गया उक्त कृत्य कर्मचारी की सेवा आचरण नियमों के विपरीत होने से श्री सिंकदर पिता अब्दुल वाहीद राजस्व विभाग अन्यकर अतिक्रमण गेंग (89 दिवस) एवं श्री गब्बर ऊर्फ अब्दुल शकील पिता वहीद, अस्थाई सफाई कर्मचारी (89 दिवस), स्वास्थ्य विभाग, नगर पालिक निगम उज्जैन की म.प्र. दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी (सेवा शर्ते) नियम 2013 के नियम 10 के उपनियम (1) के तहत तत्काल प्रभाव से सेवाएं समाप्त की गई।

वाहन पार्किंग ठेका स्थगित
जहरीली शराब पीने से व्यक्तियों की मृत्यू होने के कारण पुलिस विभाग द्वारा प्रचलित की गई प्राथमिक कार्यवाही में पुराना नगर निगम कार्यालय गोपाल मंदिर, छत्रीचैक वाहन पार्किंग स्थल पर संदेहास्पद/आपराधिक गतिविधिया पाये जाने के क्रम में आयुक्त क्षितिज सिंघल द्वारा उक्त वाहन पार्किंग स्थल ठेके को तत्काल प्रभाव से अन्य आदेश होने तक के लिये स्थगित करते हुए वाहन पार्किंग स्थल का संचालन हेतु श्री तौफीक खान, गैंग प्रभारी, राजस्व विभाग ( अन्यकर ) को आदेशित किया गया।