पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव ने देर रात स्वास्थ्य केंद्र का किया औचक निरीक्षण, चौकीदार तक नहीं मिला

0
9

anil dubey

सागर, एक ओर मुख्यमंत्री और सत्ताधारी पार्टी के नेता लगातार प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था की तरीफ करते नहीं थकते, वहीं कोरोना काल में सूबे के एक मंत्री ने ही इसकी पोल खोलकर रख दी है। देर रात प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव अपने विधानसभा क्षेत्र में स्थित गढ़ाकोटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे तो वहां डॉक्टर-नर्स तो क्या, चौकीदार तक नहीं मिला। आम लोगों के साथ अपनी स्कूटी से निरीक्षण करने आए भार्गव ने स्वास्थ्य केंद्र का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। इसके बाद से जिले के स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

भार्गव ने निरीक्षण के बाद सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि कुछ दिनों से उन्हें शिकायत मिल रही थी कि गढ़ाकोटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को घंटों प्रतीक्षा करनी पड़ती है। कोई भी डॉक्टर या कर्मचारी उन्हें नहीं मिलते। आज रात में 2:30 बजे उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। वे पूरे अस्पताल में घूमे, जोर जोर से आवाज भी लगाई लेकिन कोई भी डॉक्टर, कंपाउंडर, नर्स या पैरामेडिकल स्टाफ यहां तक कि चोकीदार भी अस्पताल में उपस्थित नहीं मिला। मंत्री ने आगे लिखा, कैसे गैर जिम्मेदार लोग हैं। प्रदेश सरकार में मंत्री के गृह नगर के स्वास्थ्य केंद्र में यह हालत है। कर्मचारी दिन में भी नहीं मिल रहे हैं। यही हाल क्षेत्र के रहली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा शाहपुर स्वास्थ्य केंद्र का भी है।

मंत्री ने ऐलान किया है कि वे जब भी अपने क्षेत्र में रहेंगे, दिन और रात में कम से कम 2 बार इन अस्पतालों का औचक निरीक्षण करेंगे। लापरवाही करने वाले कर्मियों के विरुद्ध विधि सम्मत सख्त कार्यवाही करूंगा। मंत्री ने कहा है कि एक तरफ जहां मनरेगा का मजदूर 200 रुपए प्रति दिन की मजदूरी के लिए अपनी हड्डियां तोड़ रहा है, वहीं 3-4 हजार रुपए प्रति दिन का वेतन लेने वाले डॉक्टर और अधिकारी अपने वातानुकूलित घरों में ऐश कर रहे हैं। अब यह नहीं चलेगा। भार्गव ने अपने क्षेत्र के स्वास्थ्य केन्द्रों के साथ-साथ जिला चिकित्सालय एवं मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं का भी सप्ताह में 2 दिन निरीक्षण करने की घोषणा की है।