नई शिक्षा नीति व्यवहारिक और कौशल आधारित होगी – शैलेश मिश्रा

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नई शिक्षा नीति व्यवहारिक और कौशल आधारित होगी – शैलेश मिश्रा

केंद्र सरकार द्वारा जारी नई शिक्षा नीति को लेकर शिक्षा समिति के सभा पति ने की प्रेस कांफ्रेंस

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Syed Javed Ali
मण्डला – देश में नई शिक्षा नीति का ऐलान केन्द्र की मोदी सरकार ने किया है, निश्चित ही नई शिक्षा नीति में व्यावसायिक पाठयक्रम तकनीकी का उपयोग विभिन्न विषयों पर सामंजस्य शिक्षकों को प्रशिक्षण मातृभाषा, स्थानीय भाषा आधारित प्राथमिक शिक्षा से देश की शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन के साथ साथ आने वाले समय में छात्र छात्राओं को उनकी रूचि के अनुसार व्यवहारिक और कौशल आधारित शिक्षा का अवसर मिलेगा जिसे छात्र छात्राओं को भविष्य के लिये सुनहरा अवसर मिल सकेगा। उक्त आशय के उद्गार जिला पंचायत के नवनिर्मित सभाकक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में शिक्षा समिति के अध्यक्ष, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शैलेश मिश्रा ने केन्द्र सरकार की शिक्षा नीति में बदलाव के ऐतिहासिक निर्णय के विषय पर व्यक्त किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती मरावी, जिला मीडिया प्रभारी सुधीर कसार, विवेक अग्निहोत्री उपस्थित थे।

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श्री मिश्रा ने कहा देश की आजादी के बाद 1968 में शिक्षा नीति की घोषणा की गई थी उसके पश्चात् 1986 एवं 1992 में शिक्षा नीति में संशोधन किए गए। 34 वर्ष बाद शिक्षा नीति में बदलाव इसरो के पूर्व प्रमुख श्री कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में विशेषज्ञों की एक समिति ने इसका मसौदा तैयार किया, जिसमें देश के विभिन्न शिक्षा क्षेत्र में कार्य करने वाले विद्वानों, छात्रों, अभिभावकों से सामंजस्य और संवाद कर, नई नीति तैयार कर, केबिनेट ने इसको मंजूरी दी। नई शिक्षा नीति में स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक कई बडे बदलाव किये गये है। जिला शिक्षा समिति के अध्यक्ष श्री मिश्रा ने बताया कि मानव संसाधन मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया है। देश में लागू होने जा रही नई शिक्षा नीति में पाॅंचवी कक्षा तक मातृभाषा स्थानीय क्षेत्रीय भाषा को पढाई का माध्यम रखा जावेगा। विदेशी भाषाओं की पढाई सेकेण्डरी लेबल से होगी हालांकि इस नीति में यह भी कहा गया है कि किसी भी भाषा को थोपा नहीं जावेगा। 2030 तक माध्यमिक स्तर पर एजुकेशन फार ऑल का लक्ष्य रखा गया है। स्कूल के बुनियादी ढांचे का विकास और नवीन शिक्षा केन्द्रों की स्थापना की जावेगी। स्कूल से दूर रहने वाले देश के दो करोड बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्य धारा में लाया जावेगा। स्कूल के पाठयक्रम के ढांचे में भी परिवर्तन किया गया है बच्चों के समग्र विकास के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, शिक्षा में नया स्वरूप दिया गया है। आगामी वर्षो में 3 से 18 आयु वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाएगी । छठवीं कक्षा से व्यवसायिक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएगें। इसके अलावा छात्रों को म्यूजिक, कला, खेल को बढावा देने के लिए पाठयक्रम लागू किया जावेगा। उच्च शिक्षा के लिए नई शिक्षा नीति में व्यापक बदलाव किए गये है तथा उच्च शिक्षा संस्थानों को फीस चार्ज करने के मामले में और पारदर्शिता लानी होगी। एससी, एसटी, ओबीसी एवं अन्य विशिष्ट श्रेणियों के छात्राओं की योग्यता को प्रोत्साहित किए जाने का प्रयास किया जावेगा एवं राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल का विस्तार किया जाएगा। निजी उच्च शिक्षण संस्थानों को अपने यहां छात्र छात्राओं को बडी संख्या में मुफ्त शिक्षा और छात्रवृत्ति प्रोत्साहन व्यवस्था अनिवार्य होगा। देश के सभी भारतीय भाषाओं के संरक्षण और विकास और उन्हें जीवंत बनाने के लिये नई शिक्षा नीति में सभी भाषा विभागों को मजबूत करने की सिफारिश की गई।

श्री मिश्रा ने कहा देश की नई शिक्षा नीति आने वाले भविष्य में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होगा उन्होंने प्रेस वार्ता में केन्द्र सरकार तथा देश के प्रधानमंत्री के प्रति नई शिक्षा नीति लागू करने का स्वागत करते हुए, मण्डला जिले की ओर से आभार व्यक्त किया है। प्रेसवार्ता में जिले की प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रानिक मीडिया, सोशल मीडिया के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे ।