कपालभाति करें अपने आप समाप्त हो जाएंगी कई समस्याएं, जानिए सही तरीका

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सुखासन, अर्धपद्मासन, वज्रासन या पूर्णा पद्मासन की आरामदायक स्थिति में बैठें. अपनी पीठ, कंधों को आराम से रखें और अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए अपनी आँखें बंद करें. अपनी हथेलियों को अपने घुटनों पर ऊपर की ओर में रखें.

 

सामान्य रूप से सांस लें और एक छोटी, लयबद्ध और जोरदार सांस के साथ सांस छोड़ने पर ध्यान दें. आप अपने पेट का उपयोग डायाफ्राम और फेफड़ों से इसे कंप्रेस करके हवा को जबरदस्ती बाहर निकालने के लिए कर सकते हैं. जब आप अपने पेट से दबाव हटा देते हैं, तो सांस नॉर्मल होनी चाहिए यानि अपने आप आनी चाहिए बिना दबाव डाले. 3 मिनट के लिए मध्यम गति से दैनिक अभ्यास किया जाना है.

कपालभाति पाचन तंत्र के कार्य और पोषक तत्वों के अवशोषण में सुधार करता है
कपालभाति पाचन तंत्र के कार्य और पोषक तत्वों के अवशोषण में सुधार करता है. यह काफी हद तक वजन घटाने और पेट की मांसपेशियों की टोनिंग में मदद करता है. सांस के साथ-साथ एकाग्रता और पेट के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है.

कब न करें
अगर हाई ब्लड प्रेशर, हर्निया, दिल की बीमारियाँ, पीठ से जुड़ी समस्याएं हैं तो इससे परहेज करने की जरूरत है.