कमलनाथ को केवल तिजोरी और कुर्सी की चिंता: सिंधिया

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पूर्व मुख्यमंत्री पर लगाया आरोप कहा-कमलनाथ ने प्रदेश के साथ गद्दारी की है

ग्वालियर, भाजपा के राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया गुरुवार को प्रदेश के दौरे के लिए ग्वालियर पहुंचे हैं। सिंधिया भाजपा की मंडल सम्मेलन में हिस्सा लेने आए हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर हमला बोलते हुए कहा- कमलनाथ ने प्रदेश के साथ गद्दारी की है, उन्हें केवल तिजोरी और कुर्सी की चिंता थी। उन्होंने ग्वालियर-चंबल के विकास के लिए उन्होंने एक कदम भी उठाया, इसे गद्दारी ही कहते हैं। वह जब देखो पैसे की कमी चिल्लाते रहे और शिवराज सरकार ने 5 महीने में खजाना खोल दिया।

शिवराज सरकार ने साबित कर दिया कि अगर इरादा हो तो विकास का रास्ता कोई नहीं रोक सकता है। उन्होंने 5 महीने की सरकार में ग्वालियर चंबल के लिए और हर क्षेत्र के लिए पूरे प्रदेश के लिए विकास योजनाएं दी हैं। जिंदगी में कई लोग ऐसे होते हैं, जिनके यहां काम लेकर जाओ तो संभव को भी असंभव कर देते हैं और कुछ ऐसे भी होते हैं, जो संभव को भी असंभव बना देते हैं।

ये एक प्रादेशिक चुनाव है, हमें प्रचंड बहुमत मिलेगा
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मैं इस बार एक-एक मंडल का मेरा दौरा है। मुझे विश्वास है, पार्टी की एक सोच एक विचारधारा के साथ भाजपा विजय हासिल करेगी। यहां पर शिवराज जी के नेतृत्व में सरकार बनेगी। मैं समझता हूं, ये उपचुनाव नही है, बल्कि एक प्रादेशिक चुनाव है। कई ऐसे राज्य हैं जहां पर 40-50 सीटें होती है। आज मध्यप्रदेश की 28 सीटों पर चुनाव हैं। मुझे विश्वास है हमें एकतरफा प्रचंड बहुमत मिलेगा। सिंधिया ग्वालियर अंचल के पांच दिन के दौरे पर पहुंचे है।

काफिले पर हमला होना निंदनीय है
पत्रकारों से बातचीत में सिंधिया ने कमलनाथ के काफिले पर हमले के सवाल पर कहा कि प्रजातंत्र में किसी के भी काफिले पर हमला होना निंदनीय कार्य है। मैंने हमेशा स्पष्टवादी तरीके से अपनी बात रखी है। राजनीति में हम लोग आमने-सामने जरूर होते हैं और अपना-अपना पक्ष रखते हैं और ये अधिकार होता है, लेकिन राजनीति का भी एक ही स्तर होना चाहिए। इसके पहले कांग्रेस ने दिखाया है, वह पहले स्वयं अपने गिरेबान में झांके।

इसके पहले ग्वालियर एयरपोर्ट पर ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक और भाजपा नेताओं में आपस में झड़प हो गई। स्वागत के दौरान दो पक्ष के नेताओं के बीच हुई तीखी नोकझोंक हुई। हालांकि बाद सीनियर नेताओं ने मामले को शांत कराया। मामला एक दूसरे से किया गाली गलौज। सिंधिया समर्थक संजय शर्मा और रामसुंदर रामू के बीच हुआ विवाद।