अच्छी खबर: मुंबई में इलाज के बाद ठीक हुए 12 कोरोना ग्रसित मरीज

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मुंबई, कोरोना वायरस की सबसे ज्यादा मार झेल रहे महाराष्ट्र के लिए अच्छी खबर है। राज्य में कोरोना वायरस से संक्रमित 12 मरीज इलाज के बाद ठीक हो गए हैं। मंगलवार को चार और मामले सामने आने के बाद राज्य में अब तक कोरोना के मरीजों की कुल संख्या 101 हो चुकी है। महाराष्ट्र में दो लोग कोरोना के चलते अपनी जान गंवा चुके हैं। दूसरी तरफ दो अलग मामलों में पुलिस को गुमराह करने और अलग रहने के आदेश का उल्लंघन करने के लिए एक व्यक्ति और एक महिला पर मामला दर्ज किया गया।

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में Covid-19 बीमारी से ग्रसित 12 मरीज ठीक हो गए। एक वरिष्ठ निकाय अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) की उप निदेशक दक्षा शाह ने कहा, ‘कोरोना वायरस से संक्रमित 12 मरीजों की जांच रिपोर्ट अभी निगेटिव आई है। पिछले कुछ दिनों से बीएमससी के अलग-अलग अस्पतालों में इनका इलाज किया जा रहा था।’
12 हुए ठीक, अस्पताल से जल्दी मिलेगी छुट्टी
बीएमसी के एक अन्य अधिकारी ने कहा, ‘पिछले कुछ दिनों में इन 12 मरीजों की हालत बेहतर हुई। उनके ताजा स्वैब के नमूने जांच के लिए भेजे गए जिनके नतीजे निगेटिव आए।’ अधिकारी ने कहा कि अधिकारियों ने इन मरीजों को जल्दी ही अस्पताल से छुट्टी देने का निर्णय लिया है। इसी बीच महाराष्ट्र के ठाणे जिले में पुलिस को किसी कंपनी के बारे में गलत सूचना देने के लिए एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पुणे की एक लैब ने कोरोना वायरस की जांच के लिए एक किट तैयार किया है। यह किट रिकॉर्ड 6 हफ़्तों में तैयार किया गया है जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों के टेस्ट करने में मदद मिलेगी। इस किट को ICMR से अप्रूवल भी मिल गया है और इसका पहला बैच कल तक मार्किट में आने की उम्मीद है।
कासरवडवली पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक किशोर खैरनार ने बताया कि शहर में बंद लागू होने के बावजूद श्रेयस गवास नामक व्यक्ति सोमवार को पुलिस नियंत्रण कक्ष में बार-बार फोन कर क्षेत्र में किसी कंपनी में काम चालू होने की बात कहता रहा। खैरनार ने कहा कि गवास ने पुलिस को गुमराह किया और पुलिसकर्मियों से बदतमीजी की। गवास के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।

क्वारंटाइन का उल्लंघन करने पर केस दर्ज
दूसरे मामले में शारजाह से नागपुर लौटी 35 वर्षीय एक महिला को घर पर क्वारंटाइन में रहने को कहा गया था लेकिन वह उत्तर प्रदेश स्थित अपने मायके चली गई। महिला 15 मार्च को नागपुर के डॉ बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंची थी और उस समय तक उसमें कोरोना वायरस के कोई लक्षण नहीं थे।
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश को लॉकडाउन के निर्देश दिए हैं। इस बीच कानपुर में नियमों की अनदेखी करने वाले कुछ लोगों को पुलिस ने अलग-अलग तरह से सजा दी। यहां पर कुछ लोगों को हाथ ऊपर करके खड़ा किया गया तो कुछ लोगों को मुर्गा बना दिया गया।

पुलिस ने की पिटाई
पश्चिम बंगाल में जो लोग निर्देशों की धज्जियां उड़ाते हुए दिखाई दिए उन पर भी पुलिस ने सख्ती से कार्रवाई की। यहां कोरोना वायरस की स्थितियों से निपटने के लिए लॉकडाउन के निर्देश दिए गए हैं।

‘हाथों में तख्ती थमाई …मैं समाज का दुश्मन हूं’
उत्तराखंड के कर्णप्रयाग, चमोली जिलों में जो लोग कोरोना वायरस के मद्देनजर दिए गए निर्देशों की तामील न करते हुए दिखाई दिए, उन्हें हाथों में तख्ती थमाई गई। इसमें लिखा गया था, ‘मैं समाज का दुश्मन हूं। मुझे घर पर नहीं रहना है। सड़क पर घूमना है। कोरोना वायरस फैलाना है।’

पुलिस ने कराई उठक-बैठक
यह तस्वीर है महाराष्ट्र के नागपुर की। यहां पर कर्फ्यू के आदेश के बावजूद लोग सड़कों पर बेवजह टहलने निकल पड़े। इसके बाद पुलिस ने लोगों को पकड़कर सरेआम बीच चौराहे पर उठक-बैठक कराई। बता दें कि महाराष्ट्र में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की कुल संख्या 100 से ऊपर जा चुकी है।

सोनपुर पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि उक्त महिला को 14 दिन तक घर में रहने को कहा गया था। उन्होंने कहा कि सोमवार को जब डॉक्टरों का दल महिला के घर पहुंचा तो उसे नदारद पाया, जिसके बाद पुलिस को जांच शुरू करनी पड़ी। महिला के परिजन ने पुलिस को बताया कि वह उत्तर प्रदेश के जोहनपुर चली गई है। इसके बाद महिला के खिलाफ आईपीसी और महामारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।

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