Gangwar in chitrakoot Jail: मारे गए मुख्तार अंसारी के दो खास गुर्गे

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अपराधी मुकीम काला की कैराना से हिंदुओं के पलायन में थी भूमिका

लखनऊ, उत्तर प्रदेश की चित्रकूट जेल में शुक्रवार (मई 14, 2021) सुबह 9 बजे के आसपास आपसी झड़प में एक कैदी ने दो अन्य कैदियों की गोली मारकर हत्या कर दी। बाद में, जेल सुरक्षाकर्मियों ने उसे भी मार गिराया।

जेल में दो अपराधी गुटों के बीच टकराव की इस घटना में पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब औऱ हरियाणा में आतंक का पर्याय माना जाने वाला गैंगेस्टर मुकीम उर्फ़ ‘काला’ मारा गया। उसे मारने वाला अंशुल दीक्षित भी पुलिस की जवाबी कार्रवाई में ढेर हो गया।

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिला जेल के अंदर शुक्रवार को दो अपराधी गुटों में गैंगवार हो गया। दोनों गुटों के बीच जमकर कई राउंड गोलियाँ चलीं। इस गैंगवार में उत्तर प्रदेश की ही बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी के करीबी मुकीम ‘काला’ और मुख्तार गैंग के खास शूटर मेराज अली उर्फ मेराजुद्दीन की गोली लगने से मौत हो गई।

मुकीम ‘काला’ को गोली मारने वाला सीतापुर का गैंगस्टर अंशुल दीक्षित भी पुलिस कार्रवाई में मारा गया। जिले के अधिकारियों को सूचना दे दी गई है। वारदात के बाद मौके पर भारी पुलिस फोर्स मौजूद है। जेल के अंदर इतनी भारी मात्रा में हथियार और गोलियां मिलने से जेल प्रशासन के हाथ-पाँव फूल गए।

चित्रकूट जेल में कुछ समय से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर का मोस्ट वांटेड गैंगस्टर मुकीम काला बंद था। इसी जेल में सीतापुर का एक दूसरा गैंगस्टर अंशुल दीक्षित भी बंद था। शुक्रवार को दोनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया।

झगड़े के बाद, दोनों गैंग एक दूसरे पर ताबड़तोड़ गोलियाँ बरसाने लगे। गोलियाँ चलने से जेल के अंदर हड़कंप मच गया। शीर्ष अधिकारियों की निगरानी में पुलिस जेल में तलाशी अभियान चला रही है।

सूचना मिलने के बाद जब तक मौके पर अधिकारी पहुँचे, तब तक मुकीम काला की मौत हो चुकी थी। एक अन्य अपराधी मेराज की भी गोली लगने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मुकीम का हत्यारा अंशुल पुलिस अधिकारियों के सामने भी गोलियाँ बरसाता रहा।

अंशुल को रोकने के लिए अधिकारियों ने चेतावनी दी लेकिन जब वह रुका नहीं तो जवाबी कार्रवाई में वो भी मारा गया। जेल प्रशासन का कहना है कि अंशुल ने अन्य कैदियों को भी मारने की धमकी दी। तमाम प्रयास के बाद भी वह काबू में नहीं आया तो पुलिस को मजबूरन उसके ऊपर भी गोलियाँ चलानी पड़ीं।

मुकीम ‘काला’ पश्चिम उत्तर प्रदेश का बड़ा बदमाश था। उसे मुख्तार अंसारी का खास गुर्गा माना जाता था। बताया जा रहा है कि कैराना से हिंदुओं के पलायन में मुकीम काला की अहम भूमिका थी। मुकीम काला पर दिन दहाड़े NIA के अफसर तंजील अहमद की हत्या का भी आरोप था। उस पर 61 गम्भीर मुकदमे दर्ज थे।

6 साल पहले तक राज मिस्त्री का काम करने वाला मुकीम हरियाणा में एक डकैती के आरोप में पहली बार पकड़ा गया था। इसके बाद वो पिछले साल शामली पुलिस के हत्थे चढ़ा जिसके बाद उसे सहारनपुर जेल में रखा गया था। कुछ दिनों पहले ही मुकीम को बनारस जिला जेल से चित्रकूट जेल लाया गया था। मेराज अली को भी कुछ दिन पहले ही चित्रकूट की जेल में ट्रांसफर किया गया था।

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मारा गया अंशुल दीक्षित वर्ष 2008 में पहली बार पकड़ा गया था। अंशुल सीतापुर का एक कुख्यात बदमाश था। सीतापुर जिले के मानकपुर कुड़रा बनी का मूल निवासी अंशुल उर्फ अंशू दीक्षित साल 2008 में बिहार के गोपालगंज भोरे में अवैध हथियारों के साथ पकड़ा गया था। अंशुल को दिसम्बर 2019 में सुल्तानपुर जेल से चित्रकूट जेल भेजा गया था।