Dream11 2022 तक IPL का टाइटल स्पॉन्सर बना रह सकता है 

0
1

 
नई दिल्ली

फंतासी खेल प्लेटफॉर्म ड्रीम11 ने चीनी कंपनी VIVO की जगह लगभग साढ़े चार महीने के करार के लिए 222 करोड़ रुपये की बोली के साथ इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का टाइटल प्रायोजन अधिकार हासिल किया. ड्रीम11 (Dream11) पहले से ही पिछले कुछ वर्षों से आईपीएल के प्रायोजन से जुड़ा है. कोविड-19 महामारी के कारण इस बार आईपीएल के मुकाबले यूएई में 19 सितंबर से होंगे.

टाटा समूह ने अंतिम बोली नहीं लगाई
आईपीएल अध्यक्ष बृजेश पटेल ने पीटीआई को बताया, ‘ड्रीम11 ने 222 करोड़ रुपये की बोली के साथ अधिकार हासिल किया है.’ इस बात की भी संभावना है कि ड्रीम11 साल 2022 तक आईपीएल का प्रायोजन जारी रखे. इसके लिए उसे 2021 और 2022 के लिए प्रत्येक के लिए 240 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा. यह तीन साल के लिए प्रति वर्ष औसतन 234 करोड़ रुपये आएगा.

यह पता चला कि टाटा समूह ने अंतिम बोली नहीं लगाई, जबकि दो शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनियां बायजूस (201 करोड़) और अनएकेडमी (170 करोड़) क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे. भारत और चीन के बीच सीमा पर गतिरोध के कारण VIVO और BCCI ने इस सत्र के लिए प्रति वर्ष 440 करोड़ रुपये के करार को निलंबित कर दिया था.

ड्रीम11 में चीनी कंपनी टेनसेंट के निवेश को लेकर सवाल
ड्रीम11 में चीनी कंपनी टेनसेंट के निवेश को लेकर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन बीसीसीआई के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि यह 10 प्रतिशत से भी कम है. ड्रीम11 एक भारतीय कंपनी है जिसकी स्थापना हर्ष जैन और भावित सेठ ने की है. बीसीसीआई के एक सूत्र ने बताया, ‘ड्रीम 11 के हितधारकों में शामिल इसके संस्थापक और 400 से अधिक कर्मचारी भारतीय हैं.’अधिकारी ने बताया, ‘कलारी कैपिटल और मल्टीपल्स इक्विटी उनके भारतीय निवेशक हैं. यहां तक कि ड्रीम11 का उत्पाद का उपयोग विशेष रूप से सिर्फ भारतीयों द्वारा किया जा सकता है. टेनसेंट की हिस्सेदारी केवल का प्रतिशन सिफ ‘एक-अंक’ में है.’

कंपनी के खिलाफ जांच की मांग कर चुकी है एसीयू
पिछले महीने की हालांकि बीसीसीआई की भ्रष्टाचार रोधी इकाई (एसीयू) ने कंपनी के खिलाफ जांच की मांग की थी. यह कहा गया था कि यह प्लेटफॉर्म एक नकली टी20 लीग से जुड़ा हुआ था जिसमें पंजाब के एक कस्बे में आयोजित मैच को श्रीलंका का बताकर सीधा प्रसारण किया गया था.