राजनीतिक कार्यक्रमों में नहीं हुआ कोरोना गाइड लाइन का पालन, न्यायमित्रों ने हाईकोर्ट में पेश की रिपोर्ट

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गाइड लाइन का उल्लंघन करने पर आमजन पर ही दर्ज हुए केस

ग्वालियर। हाई कोर्ट की युगल पीठ में शुक्रवार को न्यायमित्रों ने अपनी रिपोर्ट पेश कर दी है। जिसमें बताया है कि राजनीतिक व अन्य कार्यक्रमों में मास्क व शारीरिक दूरी का पालन नहीं हुआ है। साथ ही सैनिटाइजेशन भी नहीं हो रहा है। भीड़ पर नियंत्रण नहीं है। गाइड लाइन का उल्लंघन साफ दिखाई दे रहा है। गाइड लाइन के उल्लंघन के मामले में प्रशासन ने अब तक केवल आमजन पर ही केस दर्ज किए हैं। इससे कोई फायदा नहीं होने वाला है। बड़े लोगों के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं हुआ है।

न्यायमित्रों ने बताया कि 20 सितंबर को कलेक्टर ने नई गाइड लाइन जारी की थी। जिसमें धार्मिक व राजनीतिक कार्यक्रमों में 100 लोगों की संख्या निर्धारित की है। कोरोना से संक्रमण से बचने के लिए मास्क, शारीरिक दूरी व सैनिटाइजेशन अनिवार्य किया गया है। जबकि राजनीतिक व अन्य कार्यक्रमों के जो फोटो जुटाए गए हैं, उनमें लोग मास्क लगाए नहीं दिखाई दे रहे हैं। शारीरिक दूरी का पालन भी नहीं हुआ है और सैनिटाइजेशन भी नहीं हो रहा है।
हाई कोर्ट ने 29 सितंबर को याचिका की फिर से सुनवाई की तारीख निर्धारित की है। न्यायमित्र एड. संजय द्विवेदी, राजू शर्मा व विजयदत्त शर्मा ने 20 सितंबर से 24 सितंबर के बीच हुए कार्यक्रमों के फोटो, अखबार की कटिंग के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार की है। उन्होंने बताया कि गाइड लाइन का पालन नहीं हो रहा है।

क्या है मामला
अधिवक्ता आशीष प्रताप सिंह ने राजनीतिक कार्यक्रमों में कोरोना को लेकर जारी की गई गाइड लाइन के उल्लंघन के खिलाफ हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता ने कहा कि कोविड-19 (कोरोना) की वजह से वैवाहिक आयोजन, अन्य सामाजिक कार्यक्रम व अंत्येष्टि में लोगों की संख्या निर्धारित की गई है। जबकि शहर में हो रहे राजनीतिक कार्यक्रमों में लोगों की भीड़ उमड़ रही है।
इससे कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। 200 से अधिक मरीज मिल रहे हैं। राजनीतिक दलों ने आमजन का जीवन खतरे में डाल दिया है। इसलिए राजनीतिक कार्यक्रमों पर रोक लगाई जाए। हाई कोर्ट ने 20 सितंबर को इस संबंध में आदेश जारी किए और तीन वकीलों को न्यायमित्र बनाया था। न्यायमित्रों को कोर्ट को बताना था कि गाइड लाइन का पालन हो रहा है या नहीं।

शहर में लगातार बढ़ रहे मरीज
न्यायमित्रों ने शहर में फैले संक्रमण की हकीकत से भी कोर्ट को अवगत कराया। पहला कोरोना मरीज 24 मार्च को निकाल था। 30 जून तक शहर में 377 मरीज हो गए थे। 31 जुलाई तक मरीजों की संख्या 2298 हो गई थी। 1921 मरीज बढ़ गए। 31 अगस्त तक मरीजों की संख्या 5846 तक पहुंच गई। इस अवधि में 3548 मरीज बढ़े। 24 सितंबर तक मरीजों की संख्या 10742 हो गई है। सितंबर के 24 दिनों 4 हजार 895 मरीज बढ़े हैं। शहर में भीड़ वाले कार्यक्रम होने से संक्रमण तेजी से फैला है। कोरोना का संक्रमण चेन तोडऩे से ही थमेगा। इसके लिए शहर में भीड़ वाले कार्यक्रम प्रतिबंधित किए जाएं।