टिकट न मिलने से नाराज काँग्रेस पार्टी के नेता प्रबल प्रताप मावई ने पार्टी से दिया इस्तीफा

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awdhesh dandotia
मुरैना। नगरपालिका के पूर्व उपाध्यक्ष और प्रबल प्रताप सिंह मावई उर्फ रिंकू ने आज काँग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।मंगलवार को कांग्रेस ने अपनी तीसरी और 4 प्रत्याशियों की सूची जारी की थी। मुरैना विधानसभा से रिंकू के चचेरे भाई जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राकेश मावई को मुरैना विधानसभा से उम्मीदवार घोषित कर दिया है, जिससे कुपित होकर रिंकू मावई ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। श्री मावई का कहना है कि काँग्रेस पार्टी से इस्तीफा देने का बाद में बीजेपी का दामन नहीं थामुंगा और दो दिन में सारी स्थिति साफ कर दूंगा।मेरे साथ टिकट वितरण में कुछ नेताओं ने भ्रमित कर मेरे साथ धोखा दिया है। कमलनाथ ने कोई भी सर्वे के आधार पर टिकट वितरण किया है बल्कि मनमर्जी से टिकट का वितरण हुआ है।मुरैना विधानसभा क्षेत्र के टिकट को लेकर में अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा हूँ।इसलिये आज काँग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे रहा हूँ।

पार्टी पर आरोप
प्रबल प्रताप ने सीधे पार्टी के प्रदेश नेतृत्व पर हमला बोला।उन्होंने कहा पार्टी नेतृत्व ने मन मुताबिक टिकट बांटे। प्रबल प्रताप पूर्व में सिंधिया समर्थक रहे हैं, लेकिन 2018 में कांग्रेस से टिकट ना मिलने पर यह दिग्विजय सिंह की शरण में चले गए थे। प्रबल प्रताप ने सिंधिया के साथ भाजपा में जाने की अटकल से फिलहाल इंकार किया है। साथ ही कहा है कि वह निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे या नही इसका फैसला वो अपने शुभचिंतकों से बात करने के बाद ही करेंगे।

ये भाई-भाई का झगड़ा
कांग्रेस इसे टिकट वितरण का असंतोष मान रही है। पार्टी का कहना है कि यह दरअसल भाई – भाई और परिवार की लड़ाई है जो जल्द सुलझ जाएगी। कांग्रेस पार्टी ने प्रत्याशी चयन कई छलनियां लगाकर किया जो सही है।

घर-परिवार से हारेगी कांग्रेस
कांग्रेस में टिकट प्रक्रिया पर सवाल और वरिष्ठ कांग्रेसी के इस्तीफे के बाद हमलावर हुई भाजपा ने कहा कांग्रेस में कोई नेता या नेतृत्व नहीं है. कांग्रेस घर से ही हारेगी। भाजपा विकास और जन हित के मुद्दे पर चुनाव में जाएगी और सभी सीटों पर जीत हासिल करेगी।