10 दिन की मंडी हड़ताल में ही किसान की टूटी कमर: विधायक कुनाल चौधरी

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भोपाल
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता एवं युवा विधायक कुणाल चौधरी ने एक संयुक्त पत्रकार वार्ता में शिवराज सरकार द्वारा किसानों के हितों पर कुठाराघात करने के कई मामले उठाए।

 भूपेंद्र गुप्ता ने शाजापुर जिले की दमदम सोसाइटी के भ्रष्टाचार के कारनामों का उदाहरण देते हुए बताया कि पूरे प्रदेश में किसानों की  जमीनों के नाम पर लिए गए ऋणों को सहकारिता अधिकारी अपने परिजनों के नाम चढ़ा कर बीमा और ऋण की राशि को खुर्दबुर्द करने में में लगे हुए हैं ।

15 साल में भाजपा सरकार में पाले गए सहकारिता माफिया द्वारा दो-दो बार भी किसानों के नाम पर ऋण लिए जाने और ऋण दस्तावेजों में हेराफेरी करने के हजारों प्रकरण सामने आने के बावजूद जांचों को दबाने का खेल चल रहा है। नंदिनी, बमुलिया मछली, ढाबला धीर, मनसाया, लसूडिया मलक, कालापीपल गांव, पिपलिया नगर समितियों के भी जांच प्रतिवेदन उजागर करते हुए गुप्ता ने दमदम समिति के अधिकारी जायसवाल के घोटालों को उजागर किया जिन्हें प्रथम जांच में ही दोषी पाए जाने के बावजूद एक और जांच बिठा कर बचाया जा रहा है। गुप्ता ने आरोप लगाया कि ऐसे ही नकली किसान झूठा ऋण लेकर ऋण माफी के क्रातिकारी फैसले की  वाधा बने हुए हैं। इन्हें भी बेनकाब किए बिना कृषक समाज का भला नहीं हो सकता।

 विधायक कुणाल चौधरी ने बीजेपी की केंद्र सरकार द्वारा लाए गए किसान विरोधी 3 कृषि बिलों की चर्चा करते हुए कहा कि आज 10 दिन से मंडियों में हड़ताल है और सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। सोयाबीन बेचने के लिए किसान परेशान घूम रहा है तब सरकार कहां है? तब समर्थन मूल्य कहां है? सरकार दावा करती है कि बड़े-बड़े लोग स्वयं आकर किसान के उत्पादन खरीदेंगे। इन 10 दिनों में वे खरीददार कहां हैं? पूरी व्यवस्था किसान को चौपट कर बड़े पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने में लगी है।

 कुणाल चौधरी ने कहा कि 4 हजार के सोयाबीन का ₹2 हजार में भी कोई खरीददार नहीं है ।क्या इसी साजिश के लिए कृषि बिल लाए गये हैं? कांग्रेस ने कई किसानों के मंडियों में लिए गए वीडियो जारी करके किसानों की व्यथा बताई और सरकार द्वारा  किसानों को खत्म करने की परिस्थिति उजागर की।

चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री तत्काल क्रियाशील हों और समाधान करें अन्यथा काग्रेस जन आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेगी।