सरकार ने केंद्रीय के लिए LTC कैश वाउचर स्कीम की घोषणा की

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नई दिल्ली
सरकार ने केंद्रीय के लिए LTC कैश वाउचर स्कीम की घोषणा की है। इसके पीछे सरकार की सोच कोरोना से त्रस्त इकॉनमी को उबारने के लिए उपभोक्ता मांग में तेजी लाना है। इस योजना की सफलता के लिए सरकार निजी क्षेत्र की भागीदारी पर निर्भर है। इस तरह की अधिकांश योजनाओं की तरह यह योजना भी सरकारी कर्मचारियों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। सरकार उम्मीद कर रही है कि निजी कंपनियां भी इसका अनुसरण करेंगी।

निजी क्षेत्र में लीव इनकैशमेंट के साथ एलटीए का नियम नहीं है। सरकारी कर्मचारियों के लिए यह एक तोहफा है क्योंकि यात्रा किए बिना वे एलटीसी का क्लेम नहीं कर सकते हैं। इसके उलट निजी क्षेत्र में आप टैक्स देकर एलटीए का क्लेम कर सकते हैं। यह सीटीसी का हिस्सा होता है। आइए इसे समझने की कोशिश करते हैं।
टैक्स बचाने के लिए कितना खर्चा?

एलटीए से तीन गुना ज्यादा करना होगा खर्च
मान लीजिए कि इस वित्त वर्ष के लिए आपका एलटीए 1 लाख रुपये है। कर मुक्त भत्ते का दावा करने के लिए आपको यात्रा के टिकट दिखाने पड़ेंगे या फिर इस पर 30 हजार रुपये टैक्स चुकाइए। अब सरकार आपको यह मौका दे रही है कि आप गोवा या केरल की यात्रा किए बगैर 30 हजार रुपये बचा सकते हैं लेकिन इसके लिए आपको 3 लाख रुपये की खरीदारी करनी पड़ेगी। इससे आपको ऐसा सामान खरीदना पड़ेगा जिस पर जीएसटी की दर 12 फीसदी से अधिक है। इनमें कार, लैपटॉप, टीवी सेट, फ्रिज और स्मार्टफोन आदि शामिल हैं। आप टर्म इंश्योरेंस प्रीमियम और यहां तक कि यूलिप्स भी खरीद सकते हैं, बशर्ते उनमें जीएसटी की दर 18 फीसदी हो।

किसे होगा फायदा
PwC India में सीनियर टैक्स पार्टनर राहुल गर्ग ने कहा कि प्राइवेट सेक्टर के लिए एलटीसी अमूमन एक महीने की बेसिक सैलरी के बराबर होता है और इस पर टैक्स बचाने के लिए निजी क्षेत्र के कर्मचारी को इससे तीन गुना ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। इससे उन लोगों को फायदा हो सकता है जिनके पास अतिरिक्त पैसा है और वे इन चीजों को खरीदना चाहते हैं। लेकिन अनिश्चितता के इस दौर में बाकी लोगों के लिए ऐसा करना मुश्किल होगा।

क्या है कनफ्यूजन
क्या इससे कुछ फायदा होगा? फाइनेंशियल एडवाइजर सूर्या भाटिया ने कहा कि आपको यह विकल्प नहीं चुनना चाहिए। हां, अगर आपकी अगले 6 महीने में खरीदारी की योजना है तो अपने फायदे के लिए आप इसे चुन सकते हैं। Deloitte में पार्टनर होमी मिस्त्री ने कहा कि इस विकल्प को चुनने वालों को सोचसमझकर फैसला करने की जरूरत है। इसमें बड़ा कनफ्यूजन है। जैसे उन लोगों का क्या होगा जिन्होंने इस साल नई कर व्यवस्था को चुना है। इसके तहत आप कम रेट पर इनकम टैक्स का भुगतान कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए आपको सभी तरह की छूट छोड़नी पड़ेगी। इसमें एलटीए पर मिलने वाली छूट भी शामिल है।

ईवाई में टैक्स पार्टनर शालिनी जैन ने कहा कि हमें टैक्स नियमों में संशोधन का इंतजार करना चाहिए। तभी चीजें स्पष्ट होंगी। साथ ही यह भी साफ नहीं है कि जो लोग पहले ही एलटीए क्लेम कर चुके हैं, उन्हें योजना का फायदा मिलेगा या नहीं।