श्रीराम हॉस्पिटल रेप में पीड़िता का 14 दिन बाद हुआ बयान

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बिलासपुर। श्रीराम हॉस्पिटल रेप केस में आज पीड़िता का मजिस्ट्रेरियल बयान दर्ज कर लिया गया। पीड़िता ने रेप होने की बात दोहराई है।  पुलिस आरोपियों की शिनाख्त के लिए नये सिरे से कार्रवाई करते हुए शिनाख्त परेड के लिए युवती से कहा तो उनके परिजनों ने स्वास्थ्य अभी पूरी तरह ठीक नहीं होने के कारण ऐसा करवाने से इंकार कर दिया।
नेहरू नगर अमेरी रोड स्थित श्रीराम केयर हॉस्पिटल की आईसीयू में भर्ती 18 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्रा के साथ वहीं के दो वार्ड ब्वाय द्वारा रेप करने का मामला 23 मई को सामने आया था । सिविल लाइन पुलिस ने पिता द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद 24 मई को जांच शुरू की। अस्पताल प्रबंधन लगातार रेप के आरोप को गलत ठहराने में लगा रहा। अस्पताल में ही एक शासकीय स्त्रीरोग विशेषज्ञ से भर्ती छात्रा का मेडिकल परीक्षण कराया गया और रेप नहीं होने का दावा किया गया। साथ ही कहा गया कि छात्रा को दवाओं के कारण कुछ भ्रम हो रहा होगा। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जब्त किये थे, जिसमें कोई संदिग्ध गतिविधि दर्ज नहीं होने की बात की गई थी। हालांकि यह बात भी सामने आई कि जिस जगह युवती भर्ती थी वहां तक कैमरा नहीं पहुंच रहा था। युवती को बेहोशी की हालत में उसके माता-पिता ने भर्ती कराया था।
परिजन अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगा रहे थे कि वे उसकी बेटी को बार-बार बेहोश रखने की दवा दे रहे हैं ताकि वह बयान न दे पाये। पीड़िता ने कागज पर नोट्स लिखकर अपने साथ हुए दुष्कर्म के बारे में बताया था। पिता द्वारा लगातार आरोप लगाया गया कि मामले को अस्पताल प्रबंधन रफा-दफा कर रहा है।
लॉकडाउन के दौरान इस तरह की घटना सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कम्प मचा हुआ था। पीड़िता को गंभीर अवस्था में अपोलो हास्पिटल में ट्रांसफर कर दिया गय़ा था। इस बीच पुलिस उससे बयान नहीं ले पाई क्योंकि उसकी तबियत में सुधार नहीं हो रहा था। घटना के 14 दिन बाद युवती का बयान मजिस्ट्रेट के सामने धारा 164 के अंतर्गत दर्ज किया गया है। पीड़िता ने अपने साथ हुए रेप की बात को पुन: दोहराया है। अब पुलिस द्वारा पीड़ित से वार्ड ब्वाय की नये सिरे से शिनाख्ती कराई जायेगी।