रेलवे ने जुलाई महीने में 151 एलएचबी कोच का प्रोडक्शन किया

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नई दिल्ली
कोरोना काल में हर दिन रेलवे कोई न कोई नया कीर्तिमान स्थापित कर रही है। बात भले ही कोरोना से लड़ने के लिए आपातकालीन कोच बनाने की हो या फिर रेलवे की क्षमता बढ़ाने के लिए एलएचबी यानी लिंके हॉफमैन बुश कोच बनाने की। हर मामले में रेलवे अपना लोहा मनवा रही है। एक बार फिर से रेलवे ने एलएचबी कोच (LHB Coach production) बनाकर नया रेकॉर्ड बनाया है, जिसके बारे में जानकर हर कोई हैरान है।

बनाए कई रेकॉर्ड
रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला ने इस साल जुलाई महीने में कुल 151 एलएचबी कोच बनाए हैं, जो किसी रेकॉर्ड से कम नहीं है। इस बार एलएचबी कोच का उत्पादन पिछले साल यानी जुलाई 2019 की तुलना में करीब तीन गुना है। इतना ही नहीं, 2002 में एलएचबी कोच का प्रोडक्शन शुरू होने से अब तक एक महीने में हुआ ये अब तक का सबसे बड़ा प्रोडक्शन है।

क्या है एलएचबी कोच का फायदा?
ये कोच यात्रियों को अधिक सुरक्षा के साथ-साथ आरामदायक यात्रा मुहैया कराने से मकसद से बनाए गए हैं। एलएचबी कोच को सुरक्षा के मद्देनजर ऐसे डिजाइन किया गया होता है कि हादसे में कम से कम नुकसान हो। साथ ही ट्रेन काफी तेज भी चलेगी तो भी कोई झटका महसूस नहीं होगा।

वक्त के साथ बेहतर होते जा रहे हैं एलएचबी कोच
रेलवे ने इन कोच को यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से इस्तेमाल तो करना शुरू किया, लेकिन साथ ही अब रेलवे को कोशिश है कि इसे और बेहतर किया जाए। ना सिर्फ यात्रियों के लिहाज से, बल्कि रेलवे और कमाई के लिहाज से भी। तभी तो तकनीकी बदलाव के साथ-साथ अन्य जरूरी बदलाव भी किए जा रहे हैं, जिससे रेलवे की कमाई बढ़े।