राज्य सरकार फिर एक हजार करोड़ का लेगी कर्ज, कोरोना महामारी के चलते राजस्व वसूली प्रभावित

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भोपाल
राज्य सरकार तेरह अक्टूबर को एक बार फिर खुले बाजार से एक हजार करोड़ का कर्ज लेने जा रही है। भाजपा सरकार सत्ता में आने के बाद 12 हजार करोड़ रुपए का कर्ज पहले ही ले चुकी है। इसको मिलाकर तेरह हजार करोड़ का नया कर्ज हो जाएगा।

कोरोना महामारी के चलते राजस्व वसूली प्रभावित होने से प्रदेश की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे में सरकार को बार-बार प्रदेश की विभिन्न परियोजनाओं के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है। 31 मार्च 2020 तक मध्यप्रदेश सरकार पर अभी दो लाख 1 हजार 989 करोड़ रुपए का कर्ज है था। उसके बाद केन्द्र सरकार राज्य सरकार को सीमा से अधिक कर्ज लेने के लिए अनुमति दे चुकी है।इसलिए सरकार बार-बार कर्ज ले रही है। मार्च से अभी तक राज्य सरकार बारह हजार करोड़ रुपए का कर्ज ले चुकी है। नया कर्ज सरकार रिजर्ब बैंक के जरिए लेगी। तेरह अक्टूबर को वित्तीय संस्थाओं से प्रस्ताव बुलाए गए है।

गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस को अपने निशाने पर लिया है। सरकार के एक बार फिर कर्ज लेने पर मिश्रा ने कहा कि हमारी सरकार जनहित के लिए कर्ज ले रही है, कांग्रेस ने जैकलीन- सलमान के लिए हमसे ज्यादा कर्ज लिया था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के घुटने पर बैठने को लेकर कांग्रेस के तंज का मिश्रा ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जिंदगी भर गांधी परिवार के आगे घुटने टेकती आई है,जनता और भगवान ही जनार्दन, अपने आराध्य के सामने घुटने टेकने में क्या गलत है। जनता की पीड़ा वही समझ सकता है जो जनता के बीच से गया हो।

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी ने कहा है कि प्रदेश सरकार पर 2 लाख करोड़ से ज्यादा का कर्ज हो गया है। उन्होंने ट्वीट किया है कि मध्य प्रदेश की आर्थिक स्थिति खराब हो रही है। प्रदेश सरकार ने पिछले एक हफ्ते में एक हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया । अब सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सरकार पर 2 लाख एक हजार 989 करोड़ रुपए का कर्ज हो गया है। दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने जीएसटी क्षतिपूर्ति की राशि प्रदेश को नहीं दी है।