महाकाल मंदिर में पंचामृत पूजन पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

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उज्जैन
 महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग क्षरण केस की सुनवाई पूरी होने के बाद मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया। कोर्ट ने महाकाल मंदिर प्रबंध समिति को निर्देश दिए हैं कि वह क्षरण रोकने एक्सपर्ट कमेटी के सुझावों को अमल में लाए और हर संभव उपाय करें। बता दें कि ज्योतिर्लिंग क्षरण का मामला अप्रैल 2017 से कोर्ट में चल रहा है। उज्जैन निवासी सारिका गुरु की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने विशेषज्ञों की एक कमेटी गठित कर मंदिर का निरीक्षण करवाया था। कमेटी ने ज्योतिर्लिंग का क्षरण रोकने के लिए मंदिर समिति को सुझाव दिए थे। इसमें शिवलिंग का अभिषेक आरओ जल से करने, पूजन सामग्री सीमित मात्रा में उपयोग करने जैसे कई सुझाव शामिल थे। मंदिर समिति इन पर अमल भी कर रही है।

रिटायरमेंट से पहले अंतिम फैसला

जस्टिस अरुण मिश्रा ने मंगलवार को सुबह यह फैसला सुनाया। उन्होंने अपने फैसले में कहा कि शिव की कृपा से यह भी फैसला हो गया। दरअसल, जस्टिस मिश्रा बुधवार को ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं। मिश्रा ने फैसले में कहा कि यह आखिरी फैसला था। जस्टिस अरुण मिश्रा ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए शिवलिंग के संरक्षण को लेकर कई निर्देश दिए।

 

 

 

 

 

 

जस्टिस अरुण मिश्रा के निर्देश

    -शिवलिंग को किसी भी तरह से रगड़ा नहीं जाना चाहिए।
    -किसी भी भक्त को शिवलिंग को रगड़ने की अनुमति नहीं हो।
    -दही, घी और शहद को शिवलिंग पर घीसना भी बंद कर देना चाहिए।
    -केवल शुद्ध दूध ही शिवलिंग पर डाला जाना चाहिए।
    -यदि पुजारी या पुरोहित द्वारा कोई उल्लंघन पाया जाता है, तो मंदिर समिति उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी।
    -मंदिर समिति अपने संसाधनों और शुद्ध पानी से शुद्ध दूध उपलब्ध कराएगी।

एक नजर

    -ज्योतिर्लिग क्षरण का मामला अप्रैल 2017 से कोर्ट में चल रहा है।
    -याचिकाकर्ता सारिका गुरु ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी।
    -सुप्रीम कोर्ट ने विशेषज्ञों की कमेटी बनाकर मंदिर का निरीक्षण करवाया था।
    -कमेटी ने ज्योतिर्लिंग का क्षरण रोकने के लिए मंदिर समिति को सुझाव दिए थे।
    -शिवलिंग का अभिषेक आरओ जल से कराने, पूजन सामग्री सीमित मात्रा में उपयोग करने जैसे कई सुझाव दिए गए थे।
    -मई 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर समिति को सुझावों का पालन करने का आदेश दिया था।
    -25 अगस्त को महाकाल मंदिर समिति की ओर से रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई थी।

विश्व प्रसिद्ध 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर

विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर आस्था का बड़ा केंद्र है। यहां श्रद्धालु मंदिर के गर्भ गृह तक जाकर शिवलिंग को छूकर दर्शन करते हैं और भगवान से आशीर्वाद लेते हैं। अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद नए नियमों को पालन मंदिर समिति को कराना होगा, जिससे शिवलिंग का क्षरण होने से रोका जा सके।