टेस्टिंग टारगेट पूरा करने के लिये फीवर क्लीनिक की संख्या का निर्धारण जिला स्तर पर

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भोपाल

प्रदेश में कोरोना टेस्टिंग की गति को बढ़ाने और टारगेट पूरा करने के लिये आवश्यकतानुसार फीवर क्लीनिक की संख्या का निर्धारण जिला स्तर पर किया जायेगा। शहरी क्षेत्र में फीवर क्लीनिक प्रात: 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक और ग्रामीण क्षेत्रों में फीवर क्लीनिक प्रात: 9 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित किये जायेंगे। सभी फीवर क्लीनिक सप्ताह में सातों दिन चलेंगे।

आयुक्त स्वास्थ्य सेवा ने समस्त जिला कलेक्टर्स, मुख्य चकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षकों को उक्त निर्देश जारी किये हैं। निर्देशों में कहा गया कि प्रत्येक फीवर क्लीनिक की जानकारी सार्थक पोर्टल पर अपग्रेड की जाये। साथ ही जिले में स्थापित डिस्ट्रिक कोविड कमाण्ड सेन्टर पर भी जानकारी उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाये। सेम्पिलिंग के टारगेट को पूरा करने तथा स्थानीय आवश्यकतानुसार सेम्पलिंग की जरूरत पड़ने पर जिले में मोबाइल सेम्पल कलेक्शन/टेस्टिंग यूनिट भी स्थापित करें। प्रत्येक मोबाइल यूनिट किसी एक फीवर क्लीनिक से संबद्ध हो। ऐसे मोबाइल यूनिट ग्रामीण क्षेत्रों के हाट-बाजारों में तथा शहरी क्षेत्रों की जिन कालोनी में कोविड का प्रभाव अधिक हो, वहाँ कैम्प लगाकर सेम्पलिंग का कार्य किया जाये। मोबाइल यूनिट्स में यथासंभव RAT को प्राथमिकता दिये जाने और आवश्यकता होने पर RTPCR के सेम्पल लिये जाने के निर्देश दिये गये हैं। प्रतिदिन किये जाने वाले RAT टेस्ट की संख्या तथा पॉजिटिव प्रकरणों की जानकारी एकत्र कर जिला मुख्यालय में स्थापित नियंत्रण कक्ष को दिये जाने के निर्देश दिये गये।

फीवर क्लीनिक पर सेम्पलिंग की व्यवस्था डिमांड ड्रायविन करने के निर्देश दिये गये, जिसमें इच्छुक व्यक्ति द्वारा चाहे जाने पर उसको टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाये। फीवर क्लीनिक पर मलेरिया, डेंगू की जाँच किट भी रखने के निर्देश दिये गये हैं। जिसका उपयोग आवश्यकतानुसार किया जा सके।