गोधन न्याय योजना से जुड़कर खडगवां के सुखराज की इच्छा हुई पूरी

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कोरिया
हमेशा से एक बकरी खरीदना चाहता था। पर इतने पैसे एक साथ जुटा नहीं पाया। बीते 2 महीने में गोधन न्याय योजना में गोबर बेचना शुरू किया, तो 8 हजार 876 रुपए मिल गए। इससे अब दो बकरियां खरीद ली हैं। मोर तो सपना पूरा हो गिस चेहरे पर मुस्कुराहट के साथ ग्राम पंचायत पेंड्री के रहने वाले सुखराज कहते हैं। विकासखण्ड खडगवां में पेंड्री गांव के लिए रहने वाले सुखराज बकरी खरीदना चाहते थे। गोधन न्याय योजना के तहत गोबर विक्रय कर मिली राशि से उनकी यह इच्छा साकार हो गयी है। किसान सुखराज बेहद खुश हैं और राज्य सरकार को इस योजना के लिए धन्यवाद देते हैं।

20 जुलाई को हरेली पर्व के अवसर पर प्रदेश सरकार द्वारा गोधन न्याय योजना शुरू की गई है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आय एवं रोजगार के साधन विकसित कर प्रदेश की उन्नति की राह प्रशस्त करना है। गोधन न्याय योजना शुरू होने के साथ ही सुखराज ने गोबर को पास के ग्राम गौठान में जाकर बेचना शुरू किया। कुछ ही दिनों की मेहनत से उसे प्रदेश सरकार की गोधन न्याय योजना के तहत 2 रुपए प्रति किलो की दर से गोबर बेचने के एवज में 8 हजार 876 रुपए मिल गए। अब खडगवां के ग्रामीण सुखराज के पास 2 बकरियां हैं। जिन्हें वे अपनी कामधेनु बताते हैं। सुखराज के पास पहले कभी एक साथ इतने पैसे नहीं आये कि वह अपने लिए बकरियां खरीद कर पाल सके। आज इस आदिवासी किसान ने अपने परिवार के लिए गांव से ही तीन-तीन हजार रुपए में दो बकरियां खरीद ली हैं। वर्षों से बकरियों को खरीदने की मंशा गोधन न्याय योजना से जुड़कर पूरी होने पर ग्राम पेंड्री के किसान सुखराज बेहद खुश हैं।