कोविड अस्पतालों व केयर सेंटर्स में आॅक्सीजन सुविधा वाले 5313 बिस्तर बढ़ेंगे

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रायपुर
प्रदेश में कोविड-19 के मरीजों के लिए आॅक्सीजन की सुविधा वाले बिस्तरों की संख्या करीब नौ हजार पहुंचाने का लक्ष्य है। स्वास्थ्य विभाग प्रदेश भर के विभिन्न कोविड अस्पतालों और कोविड केयर सेंटर्स में 5313 नए बिस्तरों पर आॅक्सीजन पहुंचाने की तैयारी कर रही है। इनमें से 2536 बिस्तरों पर पाइपलाइन से और 2777 पर आॅक्सीजन सिलेंडरों के जरिए आॅक्सीजन पहुंचाई जाएगी। विभिन्न जिलों में स्थापित कोविड अस्पतालों और कोविड केयर सेंटर्स में अभी आॅक्सीजन सुविधा वाले 2686 बिस्तर हैं। इनमें से 1299 बिस्तरों तक पाइपलाइन से और 1387 बिस्तरों में सिलेंडरों से आॅक्सीजन आपूर्ति की सुविधा है। कोविड अस्पतालों और कोविड केयर सेंटर्स में 2536 नए बिस्तरों तक पाइपलाइन के जरिए आॅक्सीजन आपूर्ति का काम जोरों पर है।

कोविड केयर सेंटर्स में 2028 बिस्तरों पर और कोविड अस्पतालों में 508 बिस्तरों पर यह सुविधा विकसित की जा रही है। जिन अस्पतालों और कोविड केयर सेंटर्स में पाइपलाइन से आक्सीजन पहुंचाने की सुविधा पहले से ही मौजूद हैं, वहां इसका विस्तार किया जा रहा है। वहीं कई नए सेंटर्स में आॅक्सीजन जेनरेटर प्लांट, लिक्विड टैंक या अधिक क्षमता के सिलेंडरों से पाइपलाइन द्वारा आक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था स्थापित की जा रही है। शीघ्र ही प्रदेश के नौ कोविड अस्पतालों के 508 एवं 65 कोविड केयर सेंटर्स के 2028 और बिस्तरों में मरीजों के लिए आक्सीजन सुविधा वाले बिस्तर तैयार कर लिए जाएंगे। इसके लिए पांच अस्पतालों और आठ कोविड केयर सेंटर्स में आॅक्सीजन जेनेरेटर प्लांट भी स्थापित किए जा रहे हैं।

क्षेत्रीय कोविड अस्पतालों में आक्सीजन सुविधा के साथ ही आपात स्थिति से निपटने सभी जिलों में आॅक्सीजन सुविधा वाले कोविड केयर सेंटर भी तैयार किए जा रहे हैं। शासकीय मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में आॅक्सीजन सुविधा वाले बिस्तरों की संख्या बढ़ाने के साथ ही प्रदेश भर के विभिन्न मातृ-शिशु अस्पतालों, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा आयुर्वेदिक अस्पतालों में आक्सीजन आपूर्ति व्यवस्था स्थापित की जा रही है। अनेक कोविड केयर सेंटर्स में भी यह व्यवस्था विकसित की जा रही है। पाइपलाइन के माध्यम से सुदृढ़ आॅक्सीजन आपूर्ति के साथ ही सिलेंडरों व आॅक्सीजन कंसेन्ट्रेटर्स से भी ज्यादा से ज्यादा बिस्तरों को आॅक्सीजन सुविधा से लैस किया जा रहा है।