कैबिनेट बैठक : लोक निर्माण विभाग और पर्यटन विभाग के नीतिगत प्रस्ताव आचार संहिता के चलते टले

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भोपाल
प्रदेश के 28 विधानसभा चुनावों के लिए लागू आचार संहिता के बीच आयोजित कैबिनेट बैठक में लाए गए लोक निर्माण विभाग और पर्यटन विभाग से जुड़े दोनो नीतिगत प्रस्ताव डेफर हो गए। नीतिगत निर्णयों से सियासी बवाल ना हो और आचार संहिता का उल्लंघन नहीं हो इसलिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर कैबिनेट में इन प्रमुख प्रस्तावों पर चर्चा नही की गई। अन्य प्रस्तावों पर चर्चा हुई और निर्णय लिए गए। इसमें नगरीय प्रशासन विभाग के प्रस्ताव के तहत मध्यप्रदेश के नगरीय निकायों के निम्नदाव सड़क बत्ती बिजली कनेक्शनों पर विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी विद्युत दरों में राज्य शासन की सब्सिडी के दो वर्षों के 11.85 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई।

इसके अलावा आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारी स्वर्गीय केके श्रोती के राज्य के बाहर कराए गए उपचार पर निर्धारित स्वीकृत पैकेज से अधिक के खर्च को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा नगर एवं ग्राम निवेश के खरगौन जिला कार्यालय के रिटायर्ड उपयंत्री हरिसिंह सोलंकीकी पेंशन वापस लने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। जीएडी के सहायक अनुभाग अधिकारी एसयू सिद्दीकी  के राज्य के बाहर निजी अस्पताल में कराए गए उपचार पर हुए खर्च की प्रतिपूर्ति के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई।

पर्यटन विभाग द्वारा पर्यटन विकास के लिए शासकीय भूमि  आवंटन नीति 2008 के अंतर्गत भूमि आवंटन प्राप्तकर्ताओं को आवंटित भूमि पर ऋण लेने की पात्रता दिये जाने के प्रस्ताव को फिलहाल स्थगित रखने का निर्णय लिया गया। अभी तक शासकीय भूमि आवंटन नीति 2008 के तहत निजी संस्थानोें व उपक्रमों को यह पात्रता है लेकिन पर्यटन विकास के लिए मिली जमीन के लिए यह पात्रता नहीं थी। लिहाजा नीति में संशोधन कर पर्यटन विकास को भी इसमें जोड़े जाने का प्रस्ताव था। इस प्रस्ताव की स्वीकृति पर पर्यटन क्षेत्रों के आसपास लीज पर मिली जमीन को मार्टगेज कर लीज धारक लोन ले सकते थे। इससे पर्यटन विकास निगम की हजारों करोड़ की जमीन को गिरवी रखकर लोन लिए जाने का रास्ता खुलने वाला था।

बीओटी पर बनी मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम की दस और लोक निर्माण विभाग की तीन सड़कों पर टोल फिर शुरु किए जाने का प्रस्ताव भी डेफर हो गया। एग्रीमेंट पूरा होने के बाद सड़क विकास निगम की नौ सड़कों पर पंद्रह साल से चला आ रहा टोल समाप्त हो चुका है। इसलिए अब इन सड़कों पर भी टोल लग जाता।  

गोगापुर-महिदउपुर-घोषला, होशंगाबाद-टिमरनी, होशंगाबाद-पिपरिया, रायसेन-राहतगढ़, हरदा-खंडवा, सिवनी-बालाघाट,  रीवा-ब्यौहारी, ब्यौहारी-शहडोल, रतलाम-झाबुआ, पिपरिया-नरसिंहपुर-शहपुरा, उज्जैन-बड़नगर-बदनावर, बड़ा मलहरा-चांदला, चांदला-सरवई-मातोड़। यहां कार और जीप के लिए पैतीस पैसे प्रति किलोमीटर, बस पर पौने दो रुपए,ट्रक पर दो रुपए 11 पैसे और मल्टी एक्सल वाहनों पर 4 रुपए 21 पैसे की दर से टोल वसूलने का प्रस्ताव था।