किसानों कि कर्ज वापसी तय समयसीमा 31 मई बढ़ा कर अगस्त तक की

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भोपाल। प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी अभी भी पूरी नहीं हो पाई है। लाखों किसान अभी तक सहकारी बैंको से शून्य फीसदी ब्याज पर लिया गया कर्ज जमा नहीं कर पाए है। इसके लिए तय समयसीमा 31 मई को समाप्त हो चुकी है। कर्ज समय पर जमा नहंीं कर पाने वाले लाखों डिफाल्टर किसानों के लिए अच्छी खबर है। अब राज्य सरकार कर्ज वापसी के लिए तय समयसीमा अगस्त अंत तक बढ़ाने जा रही है। प्रदेश के सहकारी बैंको और सहकारी समितियों के जरिए राज्य सरकार हर साल लाखों किसानों को बिना किसी ब्याज के करोड़ों रुपए अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित करती है। रबी और खरीफ में लिए गए कर्ज को हर छह माह बाद जमा कराना होता है। इस साल कर्ज अदायगी की समयसीमा राज्य सरकार ने बढ़ाकर 31 मई कर दी थी।

यह समयसीमा भी निकल गई है और अभी तक अधिकांश किसानों ने कर्ज जमा नहीं किया है। इसके चलते लाखों किसान डिफाल्टर हो गए है और नियमानुसार अगले साल बिना ब्याज के कर्ज लेने के लिए पात्र नहीं रह गए है। केन्द्र सरकार ने राज्यों को किसानोें को कृषि कर्ज के लिए दी जाने वाली अनुदान राशि के लिए तय समयसीमा अगस्त अंत तक बढ़ा दी है। केन्द्र सरकार से राज्य सरकार को किसानों के कर्ज पर पांच प्रतिशत ब्याज अनुदान के रुप में मिलते है। अब केन्द्र की समयसीमा बढ़ाए जाने के बाद राज्य सरकार भी किसानों के लिए अगस्त तक कर्ज जमा करने की समयसीमा बढ़ाने की तैयारी में है।