कर्नाटक की प्रमुख सचिव गृह डी. रूपा ने ट्विटर से लिया ब्रेक

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    बेंगलुरु
पटाखा बैन पर बहस को लेकर चर्चा में आईं सीनियर आईपीएस अधिकारी और कर्नाटक की प्रमुख सचिव गृह डी. रूपा (D Roopa) ने आखिरकार ट्विटर से ब्रेक लेने का फैसला किया है। इसी हफ्ते पटाखा बैन को लेकर रूपा की @TrueIndology नाम के ट्विटर यूजर से बहस हो गई थी। डी. रूपा का मत था कि पटाखे दिवाली से जुड़े रीति-रिवाजों का हिस्सा नहीं रहे और 15वीं शताब्दी में आतिशबाजी का जन्म हुआ, इसलिए इस पर बैन को सकारात्मक रूप में लेना चाहिए।

हालांकि ट्विटर पर सनातन धर्म से जुड़े सही 'तथ्यों' को रखने का दावा करने वाले ट्विटर यूजर @TrueIndology ने इसका विरोध किया। TrueIndology ने शास्त्रों का उद्धरण देते हुए यह साबित करने की कोशिश की कि कई हजार सालों से आतिशबाजी दिवाली के पर्व का हिस्सा रही है। दोनों के बीच यह डिबेट इस हद तक पहुंची कि True Indology को ट्विटर ने सस्पेंड कर दिया। रूपा ने पेज पर आधे-अधूरे ज्ञान से लोगों को भ्रमित करने, अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के साथ ही सरकार और NGT के आदेशों की अवहेलना का आरोप लगाया।

'मेरे खिलाफ हैशटैग चलाए गए'
शनिवार को पत्रकार मोहनदास पाई के डी. रूपा के खिलाफ लिखे आर्टिकल के बाद यह विवाद फिर गरमा गया। रूपा ने ट्वीट किया, 'मेरे ऊपर प्रेशर बनाने के लिए मेरे खिलाफ हैशटैग चलाए गए। सब अच्छे से जानते थे कि मैं बतौर सरकारी कर्मचारी ट्रोल्स को उनकी भाषा में जवाब नहीं दे सकती। आप बताइए ट्विटर पर ज्यादा पावरफुल कौन है?'

आईपीएस रूपा ने ट्विटर से लिया ब्रेक
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, 'ट्विटर ब्रेक लेने से पहले मैं उन सिलेब्रिटीज के लिए ये वीडियो शेयर कर रही हूं जो मेरे बारे में बिना कुछ जाने बोलते हैं। यह हिंदी में है, जिसे मैंने साउथ इंडियन होने के बावजूद दूरदर्शन देखकर सीखा था।'

कौन हैं आईपीएस डी. रूपा?
2000 बैच की आईपीएस ऑफिसर डी. रूपा को कर्नाटक का प्रमुख सचिव गृह बनाया गया है। वह कर्नाटक की पहली ऐसी महिला अधिकारी हैं, जिन्हें इस पद पर तैनात किया गया है। रूपा की इमेज निडर और बेबाक अधिकारी की रही है। सिस्टम से टकराव और कई नेताओं पर ऐक्शन की वजह से रूपा का 41 बार ट्रांसफर हो चुका है। पहली बार इनका नाम सुर्खियों में 2004 में आया, जब दंगे के एक पुराने मामले में मध्य प्रदेश की तत्कालीन सीएम उमा भारती को गिरफ्तार करने पहुंची थीं।