अस्पताल से भागे कोरोना मरीज़ों को ऐसे पकड़ेगी ये डिजास्टर प्रोटेक्टिव स्क्वॉड

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इंदौर  
इंदौर में अस्पताल से भाग रहे कोरोना संक्रमित (corona virus)  मरीज़ों को पकड़ने के लिए अब टीम लगा दी गयी है.  डिजास्टर प्रोटेक्टिव स्क्वॉड में 40 लोग हैं जो स्पेशल जैकेट, ग्लब्स, मास्क और चश्मे से लैस हैं. मरीज़ों को पकड़ने के लिए इन्हें खास ट्रेनिंग दी गयी है. इनकी ड्यूटी कैंटोनमेंट घोषित किए जा चुके इलाकों में रहेगी और अब ये लोग अपने घर भी नहीं जा सकेंगे.

इंदौर में पिछले चौबीस घंटे में कोरोना के 4 मरीज़ अस्पताल से भागे तो पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया.  इंदौर पुलिस ने ऐसे मरीज़ों की धरपकड़ के लिए 40 जवानों को तैयार कर लिया है. इन्हें सुरक्षा कवच से लैस कर विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है. इन 40 जवानों के पास प्रोटेस्ट्स जैकेट,ग्लव्स,मास्क,चश्मे और सील्ड हैं. ये सभी जवान कोरोना पीड़ितों के परिवार को लेकर हॉस्पिटल जाएंगे और वहां उन को आइसोलेट करवाएंगे. 40 जवान लगातार संक्रमणग्रस्त इलाके रानीपुरा, चंदननगर, साकेत नगर में तैनात हैं. इन्ही इलाकों में सबसे ज्यादा कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं.

आरआई जय सिंह तोमर के मुताबिक 40 लोगों की टीम को समय समय पर सेनेटाइज भी किया जा रहा है. टीम को दी गई गाड़ी को कुछ समय के अंतराल के बाद सेनेटाइज किया जाता है. इन्हें रूटीन ड्यूटी से दूर रखा गया है. अभी हाल ही में मनोरमा राजे टीबी अस्पताल से एक कोरोना पॉजिटिव और एक संदिग्ध मरीज भाग गया था. उसे अस्पताल पहुंचाने में पुलिस को खासी मशक्कत करना पड़ी थी. अब ये टीम ऐसे मरीजों को अस्पताल तक ले जाने में कारगर सिद्ध होगी.इन्हें दिए गए प्रोटेक्शन सूट को पहनने के बाद कोरोना पॉजिटिव को छू भी लें तो वायरस का खतरा नहीं रहता है. खास बात यह कि कोरोना प्रूफ इस दस्ते के सदस्य घर नहीं जाएंगे. उनके रुकने और खाने-पीने की अलग से व्यवस्था की गई है.

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग की भी बड़ी लापरवाही सामने आ रही है. पिछले 24 घंटे में एमआरटीबी अस्पताल से तीन मरीज भाग चुके हैं. इनमें से दो कोरोना पॉजिटिव थे. जिन्हें डिजास्टर प्रोटेक्टिव स्क्वॉड की मदद से पकड़कर वापस अस्पताल लाया गया है.