अनलॉक 4: सितंबर में खुल सकती है दिल्ली मेट्रो, स्कूल-कॉलेज रहेंगे बंद

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 नई दिल्ली 
पांच महीने से बंद बड़ी दिल्ली मेट्रो को शायद सिंतबर में खोला जा सकता है। मामले से परिचित लोगों का कहना है कि अनलॉक 4 में कई व्यवसाय और गतिविधियों को फिर से शुरू किया जा रहा है जिन पर बैन था। इसलिए ऐसा माना जा रहा है कि सितंबर में मेट्रो को फिर से शुरू किया जा सकता है। अधिकारियों ने कहा कि अनलॉक 4 में जारी किए गए दिशानिर्देशो में बार्स को खोलने की अनुमति भी दी जा सकती है लेकिन उन पर शराब ले जाने और वहीं बैठ कर पिलाने जैसी सेवाओं को सीमित रखा जा सकता है।

उन्होंने ये भी कहा कि स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे, हालांकि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) और भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) को फिर से खोलने की बात चल रही है। कोविड-19 की गाइडलाइन्स जारी करने वाले गृह मंत्रालय के अनुसार सिनेमाघर और ऑडिटोरियम्स को अभी कम से कम एक महीने और बंद रखा जाएगा. ऐसा विचार किया गया है कि अगर सिनेमाघर खोल दिए जाए लेकिन सोशल डिस्टेंशिंग जैसे दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए सिर्फ 25 से 30 प्रतिशत काम ही हो तो वो फायदेमंद नहीं है।

अधिकारियों ने यह भी कहा कि नए दिशानिर्देश, इस सप्ताह के अंत में उन गतिविधियों को उजागर करेंगे जिन पर बैन लगाया जाएगा। उसके अलावा कुछ भी शपरू किया जा सकता है। कंटेनमेंट जोन और कोरोना एपिक सेंटर बन सकने वाले इलाके सख्त निगरानी और लॉकडाउन के तहत जारी रहेंगे। अधिकारियों ने कहा कि सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, शैक्षणिक, सांस्कृतिक और धार्मिक कार्य और अन्य बड़ी मंडलियों पर बैन लगे रहने की संभावना है।

 नाम न बताने की शर्त पर एख अधिकारी ने कहा, "मेट्रो सेवाओं के बारे में सरकारी अधिकारियों ने कहा कि आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (जो दिल्ली मेट्रो का संचालन करता है), स्थानीय सरकारों, मेट्रो रेल निगमों और सुरक्षा एजेंसियों के परामर्श से अभी भी तौर तरीकों पर काम किया जा रहा है। गृह मंत्रालय द्वारा मेट्रो रेल सेवा को फिर से शुरू करने में कॉन्टेक्ट लेस टेस्टिंग, स्टेशन पर औसत ठहराव में बढ़ोतरी, भीड़ नियंत्रण और सामाजिक गड़बड़ी के लिए सभी लाइनों में चिह्नों को शामिल किए जाने की संभावना है। इसके अलावा फ्रेश हवा की आपूर्ति के लिए एयर-कंडिशनर में ऑवरहॉल लगाए जाने की बात की जा रही है।"

कॉन्टेक्ट लेस टिकटिंग सिस्टम और सामाजिक संतुलन व्यवस्था
इस अधिकारी ने कहा कि मेट्रो सेवाएं, जो 22 मार्च से बंद हो गई हैं, कम आवृत्ति और सीमित क्षमता के साथ फिर से शुरू की गई ट्रेन और उड़ान सेवाओं के समान, एक कैलिब्रेटेड तरीके से शुरू की सकती हैं। 3 अप्रैल को हमने बताया था कि अब मेट्रो में शायद टोकन नहीं चलेंगे और केंद्र सरकार कॉन्टेक्ट लेस टिकटिंग सिस्टम पर विचार कर रही है.एक अन्य अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकारें तय कर सकती हैं कि मेट्रो ट्रेनों को कैसे चलाया जाए और उनकी टाइमिंग को किस तरह नियंत्रित किया जाए। सेवाओं को चलाने का अंतिम निर्णय संबंधित राज्यों के पास होगा. एक अन्य अधिकारी ने कहा, “हम कुछ दिनों के नोटिस में सेवाओं को फिर से शुरू करने के लिए तैयार हैं, लेकिन एमएचए से औपचारिक इंतजार कर रहे हैं। सभी राज्यों में, सभी स्टेशनों पर चिह्नों (भीड़ प्रबंधन के लिए) को सुनिश्चित करने की तैयारी की गई है। दिल्ली में मेट्रो उपयोगकर्ताओं की सबसे अधिक मात्रा है। सामाजिक संतुलन के लिए स्टेशनों और अंदर की ट्रेनों में व्यवस्था की गई है।”

अरविंद केजरीवाल ने केंद्र से की मेट्रो शुरू करने की मांग
एक दिन में मेट्रो के अंदर लगभग 60 लाख लोग सफर करते हैं, मुख्यमंत्र केजरीवाल नें केंद्र सरकार से जरूरत पड़ने पर चरणबद्ध तरीके से फिर से मेट्रो सेवा को शुरू करने पर विचार करने के लिए कहा है.  रविवार को अपनी एक वेबिनार की स्पीच में केजरीवाल ने कहा, "दिल्ली के लोग हमसे मेट्रो सेवा शुरू करने का अनुरोध कर रहे हैं। हमने कई मौकों पर इसे केंद्र सरकार के साथ उठाया है। हमने केंद्र से दिल्ली में मेट्रो सेवाओं को फिर से शुरू करने की संभावना तलाशने का आग्रह किया है,  इसे अब अन्य राज्यों में प्रतिबंधित कर दिया गया है। लेकिन दिल्ली की बात अलग है यहां अब स्थिति नियंत्रण में है"

 अर्धसैनिक बल के एक अधिकारी ने कहा कि  मेट्रों को सुरक्षा प्रदान करने वाली दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने महामारी के समय में सुचारू और संपर्क रहित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रोटोकॉल चाक-चौबंद कर दिए हैं। सीआईएसएफ ने पहले ही अभ्यास कर लिया है कि कैसे यात्री प्रवेश बिंदुओं और प्लेटफार्मों पर लाइनें लगाएंगे। ये बातें उस समय में की जा रही है जहां दिल्ली में कोरोना मामलों की संख्या फिर बढ़ती दिखाई दे रही है, किए गए टेस्टों में से 7.4 प्रतिशत कोरोना ममले सामने आए हैं. एक महीन में आए ये सबसे ज्यादा मामले हैं.