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मप्र की तीन देवियां बन सकती हैं राज्यपाल

उमा, सुषमा और सुमित्रा को उपकृत करेगी मोदी सरकार

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भोपाल। बीते लोकसभा चुनावों में टिकट न देकर भाजपा ने भले ही मप्र से जुड़ी नारी शक्ति को नजर अंदाज किया था, लेकिन सरकार बनने के बाद वह राज्यपाल बनाकर इनकी नाराजगी दूर करने में जुट गई है। इनमें विदिशा से सांसद रही सुषमा स्वराज, इंदौर की सुमित्रा महाजन और केंद्रीय मंत्री रही उमा भारती का नाम अहम रूप से शामिल है।

दरअसल देश के कई राज्यों में पदस्थ राज्यपालों का कार्यकाल आगामी कुछ महीनों में समाप्त हो रहा है। इसके पहले छत्तीसगढ़ सहित कई राज्य प्रभारी के भरोसे चल रहे हैं। वहीं कई उम्र दराज हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार मौजूदा राज्यपालों के कार्यकाल में बढ़ोत्तरी करने के बजाय इनके स्थान पर नई नियुक्तियां करने का मन बना चुकी है। यह बात अलग है कि देशभर के कई भाजपा नेताओं की नजर इस पद पर लगी हुई है, लेकिन इस दौड़ में मप्र की वह तीन देवियां भी शामिल हैं। इनमें इंदौर की सांसद व लोकसभा अध्यक्ष रही सुमित्रा महाजन का नाम पहले स्थान पर लिया जा रहा है। अस्वस्थ रहने के बाद भी विदेश मंत्री रही सुषमा स्वराज और टिकट से वंचित रही उमा भारती भी इस दौड़ में शामिल की जा रही हैं। इन सीटों को लेकर अभी से ही संघ और पार्टी में मंथन का दौर शुरू हो गया है। ऐसा भी कहा जा रहा है कि एक-दो पुराने चेहरे को बरकरार रखा जाए। वहीं एक से दो पुराने चेहरे को उनके वर्तमान राज्य से हटा कर दूसरे राज्य की जिम्मेदारी दी जा सकती है। यहां बता दें कि पीएम मोदी ने मई 2014 में सत्ता संभालने के कुछ ही महीने बाद पांच राज्यपालों की नियुक्ति की थी। बीजेपी के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री राम नाइक को यूपी, ओपी कोहली को गुजरात, केसरीनाथ त्रिपाठी को पश्चिम बंगाल, बलराम दास टंडन को छत्तीसगढ़, पद्मनाभ आचार्य को नगालैंड का राज्यपाल बनाया था।

यहां रिक्त होने हैं पद
अगले कुछ महीनों में 10 राज्यपालों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इसमें नगालैंड, गुजरात, यूपी और पश्चिम बंगाल वह राज्य हैं, जहां इनका कार्यकाल जुलाई के अंत तक समाप्त हो जाएगा। मोदी के गृह क्षेत्र गुजरात के राज्यपाल ओम प्रकाश कोहली का कार्यकाल 15 जुलाई को समाप्त हो रहा है। नागालैंड के राज्यपाल पद्मनाभ आचार्य भी 19 जुलाई को ही रिटायर हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक का भी 21 जुलाई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी का 5 साल का कार्यकाल 23 जुलाई को पूरा हो रहा है। जबकि अगस्त और सितंबर महीने में भी एनडीए सरकार द्वारा नियुक्त चार राज्यपालों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इसमें महाराष्ट्र के राज्यपाल सी. विद्यासागर राव 30 अगस्त, गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा 31 अगस्त, कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला 1 सितंबर को और राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह 4 सितंबर को पदमुक्त हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस पी. सदाशिवम 5 सितंबर को केरल के राज्यपाल के पद से मुक्त हो रहे हैं।

उम्र के गणित में कई नहीं हैं फिट
देश के राज्यों की कमान संभाल रहे कई राज्यपाल उम्र के हिसाब से फिट नहीं माने जा रहे हैं। इनमें नागालैंड के राज्यपाल पद्मनाभ आचार्य भी अब 87 साल के हो गए हैं और उनका भी कार्यकाल समाप्त हो रहा है। वहीं राम नाइक जब यूपी के राज्यपाल बने थे तब उनकी उम्र 80 साल थी। इस लिहाज से नाइक अब 85 साल के हो गए हैं। केसरीनाथ त्रिपाठी पश्चिम बंगाल के राज्यपाल बने थे तब उनकी उम्र 79 साल की थी इस लिहाज से त्रिपाठी अब 84 साल के हो गए हैं।

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