झिरिया की बहती जलधारा से बुझ रही आदिवासीयों की प्यास

0
3

rafi ahmad ansari
बालाघाट। बैहर तहसील के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत नव्ही बैगा बाहुल्य है। जहां पिपरटोला,लीमोटी,जगला,चुकाटोला,भरेवाटोला,जालदा,भगवानडीह आदि ग्राम आते है। चुकाटोला,जगला,भरेवाटोला गांव बैगा बाहुल्य गांव है। ये पहाडीनुमा गांव है,जो जंगलो में बसे हुए है। इन गांवो में बुनियादी जैसे पानी की समस्या विकराल बनी हुई है। ग्राम चुकाटोला में एक ही हैंडपंप है जिससे गांव वालो को पानी की पूर्ति नही हो पाती है। मजबूरन बैगाओ को नदी नाले और झिरियां के पानी का उपयोग करना पड रहा है। भरेवाटोला में भी ऐसे ही हालात बने हुए है।

अभी हॉल ही में हमारी टीम ने ग्राम चुकाटोला पहुचकर जानकारी ली तो गांव की आधी बस्ती पानी की समस्या से जूझ रही है। चूकाटोला की पहाडी पर बसने वाले करीब एक दर्जन से अधिक घर वालो को हैंडपंप का पानी नसीब नही हो पा रहा है। जिसकी वजह से आधा किलोमीटर दूर बह रहे नाले के झरने से पानी लाना पड रहा है। जब यह टीम झरन स्थल का जायजा लेने पहुची तो वंहा पर कई लोग जहां पीने का पानी ला रहे थे वही कई नहाना धोना भी कर रहें थे।

इस संबध में ग्राम पंचायत के सरपंच पति कुंवरसिंह बैगा ने बताया कि यह समस्या पिछले कई वर्षो से बनी हुई है, जबकि बारिश में पानी की किल्लत नही होती। बावजूद इसके हैंडपंप खनन न होने से इस गांव की आधी आबादी झिरिया के पानी से अपनी प्यास बुझा रहे है। यही स्थिति भरेवाटोला की भी बनी हुई है। कुंवर सिंह ने बताया कि पंचायत के द्वारा पानी की समस्या के निराकरण को लेकर अनेको बार प्रस्ताव पास कर जनपद को प्रस्तुत कर चुकी है। सरपंच पति ने सभांवना जताते हुए बताया कि झिरियां के समीप बह रहे प्राकृतिक झरने से नल जन योजना के माध्यम से पाईप बिछाकर यदि कार्य करवाया जाता है तो उनके गांव के अलावा अन्य गांव की भी समस्या हल हो सकती है।