परीक्षा से पहले बायरल हुआ पेपर, अधिकारियों की सफाई प्रश्र-पत्र से नहीं हो रहा मैच

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नकल की असलियत न आ सके सामने इसलिए मीडिया को किया परीक्षा केन्द्रों से प्रतिबंधित।

awdhesh dandotia
मुरैना. माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश की दसवीं की परीक्षा प्रारंभ हो गई है। मंगलवार को संस्कृत का पेपर था। पेपर शुरू होने से पहले संस्कृत का एक पेपर वाट्सएप ग्रुपों पर बायरल होने लगा। बायरल हो रहे इस पेपर से जब अधिकारियों को वाकिफ कराया गया तो उन्होंने सफाई दी कि यह पेपर वास्तविक पेपर से अलग है। किसी ने शरारत पूर्वक इसे बायरल कर दिया है। परीक्षा के पहले दिन अपरान्ह 11.30बजे तक छ: नकल प्रकरण बनाए जा चुके थे।
मंगलवार सुबह 9 बजे कक्षा दसवीं का संस्कृत का प्रश्र-पत्र शुरू होने से पहले ही संस्कृत का एक पेपर वाट्सएप ग्रुपों पर बायरल होने लगा। परीक्षा केन्द्रों के बाहर अपने अभिभावकों के मोबाइल पर इस बायरल पेपर को देखकर कई छात्र सीरीज व नोटबुक से इस पेपर को हल करने की कवायद में लग गए। ताकि परीक्ष हॉल में वह पूरा प्रश्र-पत्र हल कर सकें। इस बायरल पेपर की खबर जब अधिकारियों तक पहुंची तो जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष शर्मा ने सफाई दी कि यह पेपर वास्तविक पेपर से मेल नहीं खाता। बायरल हो रहे पेपर में कुल आठ प्रश्र दिए गए हैं जिनका एक भी प्रश्र वास्तविक पेपर से मिल नहीं रहा है। इससे साफ होता है कि यह किसी ने शरारत की है। उधर परीक्षा केन्द्रों पर सुबह से ही अफरा-तफरी का माहौल रहा। कुछ परीक्षा केन्द्रों पर निजी स्कूल संचालक केन्द्राध्यक्षों से मेल-मिलाप करते देखे गए और कहीं-कहीं परीक्षा केन्द्रों के बाहर से ओटी बोल रहे थे। इसे न तो पुलिस रोक सकी और नही प्रशासनिक अधिकारी।

परीक्षा केन्द्रों में मीडिया को नहीं प्रवेश :
परीक्षा केन्द्रों में इस बार मीडिया को प्रवेश नहीं दिया गया है। बोर्ड परीक्षाओं में नकल का बोलबाला रहता है। निजी स्कूल संचालक, अधिकारियों से साठगांठ करके खुलकर नकल कराते हैं। नकल माफियाओं द्वारा छात्रों को पास कराने के नाम पर ठेके ले लिए गए हैं और इन्हीं छात्रों को पास कराने के लिए नकल भी कराई जा रही है। समझा जा रहा है कि अधिकारियों से नकल माफियाओं की सेटिंग के चलते मीडिया को परीक्षा केन्द्रों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई है ताकि परीक्षा केन्द्रों में चल रही नकल की असलियत समाचार-पत्रों तक नहीं पहुंच सके। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी परीक्षा केन्द्रों तक जाने की जहमत नहीं उठा रहे। वह केवल शहर के ही कुछ परीक्षा केन्द्रों में पहुंचने की खानापूर्ति करके लौट रहे हैं। बानमोर, अंबाह, पोरसा इलाके में जमकर नकल हो रही है लेकिन यहां अधिकारी नहीं पहुंच रहे।

शिक्षा अधिकारी को नहीं जानकारी :
कक्षा दसवीं की परीक्षा में जिले भर से कुल 37हजार 857 परीक्षार्थियों को शामिल होना था। लेकिन इसमें से कितने छात्र अनुपस्थित रहे इसका रिकॉर्ड शिक्षा विभाग अपरान्ह 11:30 बजे तक नहीं दे सका। जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष शर्मा ने इतना जरूर बताया कि नूराबाद के आईटीआई परीक्षा केन्द्र पर अभी तक छ: नकल प्रकरण बनाए जा चुके हैं। नकल प्रकरण किस-किस छात्र के और किसने बनाए हैं यह जानकारी भी शिक्षा अधिकारी के पास नहीं थी। नूराबाद के अलावा जिले में और कहां-कहां नकल प्रकरण बने हैं इसकी जानकारी भी वह नहीं दे सके।

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