संक्रमण के प्रति जागरूक करने स्कूलों में लिखे जाएंगे कोरोना वायरस से बचाव के स्लोगन

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भोपाल। सरकारी और निजी स्कूलों में अब महापुरुषों के विचारों और राष्ट्रीय स्लोगन के बजाय कोरोना वायरस से बचाव के स्लोगन लिखे नजर आएंगे, ताकि इन्हें पढ़कर बच्चे कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रति जागरूक हो सकें और इससे बचाव के लिए क्या-क्या सावधानी बरती जाए जान सकें।

अभी तक स्कूलों में खाली जगहों पर राष्ट्रीयता की भावना को जागरूक करने वाले स्लोगन के साथ देश को आजाद कराने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और महापुरुषों के विचारों के स्लोगन लिखे जाते थे। अब बदले परिवेश में जब भी स्कूल खुलेंगे तो यहां के स्लोगन भी अलग ढंग से लिखे होंगे। दरअसल अभी कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते स्कूल बंद हैं और केंद्र सरकार की गाइड लाइन के अनुसार 9वीं से 12वीं तक के बच्चों को स्कूल में आने की अनुमति दी गई है, ताकि वे पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं को लेकर शिक्षकों से मार्गदर्शन ले सकें। 15 अक्टूबर से स्कूल खोलने को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं, जिसमें कोरोना वायरस को लेकर कई तरह की सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इसी में अब स्कूल में स्लोगन भी नए लिखे नजर आएंगे। स्कूलों की दीवारों पर कोरोना से बचाव को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ द्वारा जारी किए स्लोगन लिखे जाएंगे।

इन पर आधारित होंगे स्लोगन
कोरोना वायरस से बचाव को लेकर स्कूलों में जो स्लोगन लिखे जाएंगे उनमें मास्क पहनना अनिवार्य है। मास्क पहनने से किस तरह कोरोना वायरस के संक्रमण से बचा जा सकता है। सोशल डिस्टेंसिंग का महत्व, सेनिटाइज करने के फायदे, हाथ धोने के फायदे सहित संक्रमण से बचाव को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी किए गए स्लोगन को महत्व दिया जाएगा।