सीताराम का 15 मिनिट का जाप खोलता है नसो की ब्लॉकेज: जगद्गुरू

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awdhesh dandotia
मुरैना/अम्बाह। कोलेश्वर धाम कोल्हूआ में आयोजित रामकथा के दूसरे दिवस जगद्गुरू रामानंदाचार्य स्वामी रामाभद्राचार्य महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीराम कथा सिर्फ कथा नही है बल्कि यह तो मनुष्य के कल्याण व मोक्ष का द्वार है, इस कथा का सच्चें मन से स्मरण करने से मनुष्य जीवन-मरण के चक्र से छूट जाता है। स्वामी ने कहा कि रामायण 84 प्रसंग है जो 84 लाख योनियों का प्रतीक है, यदि हम इन 84 प्रसंगों को सच्चे मन से श्रवण कर ले तो हम 84 लाख योनियों में भटकनें से बच जाऐंगे। स्वामी ने बताया कि राम नाम व उनके भजनों में इतनी शक्ति है कि हर तरह के कष्टों से मुक्ति मिल सकती है।
Sitaram's 15-minute chant opens, no blockage: Jagadguruजगद्गुरू ने कहा कि रामचरित्र मानस में ग्रहस्थ जीवन का भण्डार भरा पडा है, इसमें दाम्पत्य प्रेम, वात्सल्य प्रेम एवं पारिवारिक प्रेम का आदर्श प्रतिपादित किया गया है, आज तेजी से मूल्यों का क्षरण हो रहा है उनकी रक्षा के लियें तुलसी की मानस को आधार बनाकर ही रक्षा की जा सकती है। जगद्गुरू ने कहा प्रभु श्रीराम की कथा में जीवन के वह सारें रस निहीत है जो व्यक्ति के जीवन को ऊंचाई पर ले जाने में सक्षय है, मानस में तुलसीदास ने जिन मूल्यों और मानदंडो को स्थापित किया है वह न तो उसके पहले कभी हुआ और न कभी उसके पश्चात रामकथा में आध्यात्य भी है जीवन का दर्शन भी राजनीति भी है और धर्म परायणता कारक बन जाता है यह प्रभु श्रीराम के जीवन से पता चलता है।
सीताराम के जाप से दूर होगी नसों का ब्लाकेज
जगद्गुरू ने कहा कि हमारे देश में विदेशी लोगों की बातों को ज्यादा महत्व दिया जाता है, जगद्गुरू ने कहा कि सीताराम का जाप अगर सूर्योदय से पहले 15 मिनिट लगातार 6 माह तक किया जाऐं तो नसों का ब्लॉकेज दूर होता है और बायपास की जरूरत नही पडती है इस बात को अमेरिका शोधकर्ता सिद्ध कर चुके है। कथा के दूसरे दिवस जगद्गुरू ने रामजन्म सहित धनुष-भंग व परशुराम-राम संवाद को सुनाया, साथ ही बताया कि कोल्हुआ का यह महादेव मंदिर बहुत प्राचीन है जिसकी स्थापना भगवान राम ने चर्मवती नदी पार करते समय की थी।