शिवराज सिंह मुझ पर झूठे आरोप लगा रहे हैं, मेरा नाम कभी किसी घोटाले से नहीं जुड़ा: कमलनाथ

0
3

सुमावली में मंच से नीचे उतरकर भीड़ में पहुंचे कमलनाथ; बोले-

जनता ने महाराजा से आजादी तो ले ली, समय आ गया है माफियाओं से आजादी लेने का

awdhesh dandotia

मुरैना, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सभाओं में जनता को घुटनों के बल बैठकर प्रणाम करने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ भी अपनी सभाओं में मंच से नीचे उतरकर मतदाताओं से मिल रहे हैं। बुधवार को मुरैना के सुमावली में सभा करने पहुंचे कमलनाथ की सभा में लोगों की भारी उमड़ी और जब वह मंच से नीचे उतर गए तो लोग बेकाबू हो गए। कमलनाथ ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान मुझ पर झूठे आरोप लगा रहे हैं वह अच्छी तरह सुन ले, मुझ पर इतने वर्ष के राजनीतिक जीवन में आज तक कोई उंगली नहीं उठा सका, मेरा राजनीतिक जीवन बेदाग है, मेरा नाम ना कभी डंपर घोटाले से जुड़ा, ना व्यापम घोटाले से जुड़ा और ना किसी ई-टेंडर घोटाले से जुड़ा।

कमलनाथ ने कहा, मुझे लगा था कि सत्ता से बाहर होकर शिवराज जी सुधर जाएंगे, झूठ बोलना बंद कर देंगे लेकिन उनका झूठ बोलना अभी भी जारी है। मुझ पर झूठे आरोप लगा रहे हैं, उन्हें तो झूठे आरोपों के लिए मुझसे मंच पर आकर सार्वजनिक माफी मांगना चाहिए। ‘सुन लीजिए शिवराज जी, अब यह नहीं चलेगा कि कुछ भी झूठ बोल दो, झूठ की राजनीति को मध्य प्रदेश की जनता ने पहचान लिया है और झूठ बोलने वालों को घर भी भेज दिया था।

सिंधिया पर निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मैं चंबल की जनता को बधाई देता हूं कि उन्होंने उनको गुलाम समझने वाले महाराजाओं से आजादी पा ली, उनसे तो आजादी पा ली लेकिन अब समय आ गया है कि माफियाओं की गुलामी से भी हमें छुटकारा पाना है। मैंने अपनी सरकार में माफियाओं के खिलाफ अभियान शुरू किया था। सब जानते थे कि इसमें यहां के भाजपा प्रत्याशी का भी नाम सामने आने वाला था और वे यह भी जानते थे कि कमलनाथ को कोई डरा नहीं सकता, दबा नहीं सकता, किसी दबाव-प्रभाव में नहीं ला सकते इसीलिए इन जैसे लोगों ने भाजपा के साथ मिलकर सौदेबाजी की।

शिवराज के भगवान तो माफिया और मिलावटखोर हैं
शिवराज कहते हैं कि जनता मेरी भगवान, अरे शिवराज आप कितनी भी कलाकारी कर लीजिए, जनता के सामने घुटने टेक बैठ जाइए लेकिन जनता सब समझती है कि आपके भगवान तो माफिया और मिलावट खोर है। हमने मिलावट खोरों और माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाया, उससे दूध का भाव बढ़ा। हमने किसानों का कर्जा माफ किया। अपनी नीति-नीयत का परिचय दिया। वहीं शिवराज जी प्रदेश को कहां ले गए ? आज किसानों को मुआवजा नहीं मिल रहा है और शिवराज जी घोषणा कर रहे हैं कि हमने इतने हजार करोड रुपए किसानों के खाते में डाल दिए। सब जानते हैं कि 15 वर्ष में इन्होंने 15 हज़ार घोषणाएं की।

मुझे और कांग्रेस को नहीं, लेकिन सच्चाई का साथ देना
उन्होंने हमें कैसा प्रदेश सौंपा, किसानों की आत्महत्या में, महिलाओं पर अत्याचार में, भ्रष्टाचार में, बेरोजगारी में नंबर वन? आज जनता को समझना होगा कि प्रदेश पर उपचुनाव का भार क्यों आया? हमें अपने प्रजातंत्र व संविधान की रक्षा करना है, सौदेबाजी व बोली की राजनीति को करारा जवाब देना है। जनता पर दबाव की राजनीति भाजपा के लोग कर रहे हैं। जनता सीधी हैं, सरल है, सब बर्दाश्त कर लेगी लेकिन अन्याय बर्दाश्त नहीं करेगी, 3 तारीख बाद वह इस अन्याय का हिसाब लेगी। जनता कमलनाथ व कांग्रेस का साथ भले मत देना लेकिन सच्चाई का साथ ज़रूर देना, सच्चाई ही आपका भविष्य सुरक्षित रखेगी।

सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ीं
बुधवार को मुरैना के सुमावली में सभा करने पहुंचे कमलनाथ की सभा में लोगों की भारी उमड़ी और जब वह मंच से नीचे उतर गए तो लोग बेकाबू हो गए। सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई गईं। इधर, मंगलवार को सभाओं में भीड़ जुटाने वाले नेता-दल और उन्हें न रोक पाने वाले अफसरों पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। प्रदेश में कोरोना संक्रमण बेकाबू है और 28 सीटों पर होने जा रहे उपचुनावों को लेकर राजनीतिक दल धड़ाधड़ रैलियां कर रहे हैं। इनमें भीड़ जुट रही है और कोरोना की गाइडलाइन की धज्जियां उड़ रही हैं। इसे लेकर मंगलवार को मप्र हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने इसे गंभीरता से लेते हुए ग्वालियर और दतिया एसपी को आदेश दिया कि भीड़ जुटाने वाले नेता, राजनीतिक दलों और उन्हें न रोक पाने वाले अफसरों पर भी एफआईआर दर्ज करें। कोविड गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराने का निर्देश भी दिया था।

पहले से ही लटक रही है केस दर्ज होने की तलवार
हाईकोर्ट ने जिन नेताओं पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं उनमें केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, भाजपा के प्रत्याशी और ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, मुन्नालाल गोयल हैं. वहीं कांग्रेस के जिन नेताओं के नाम हैं उनमें पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, भांडेर से प्रत्याशी फूल सिंह बरैया, ग्वालियर पूर्व से प्रत्याशी डॉ. सतीश सिकरवार और मध्य प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत प्रमुख हैं। इन सभी लोगों के द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में तय संख्या से अधिक लोग शामिल हुए थे।