वाहन कंपनियों के शेयर चढ़े, शेयर बाजारों में लगातार तीसरे दिन तेजी

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मुंबई, अर्थव्यवस्था के धीरे-धीरे खुलने के बीच एफएमसीजी और वाहन कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की लिवाली से बृहस्पतिवार को बीएसई सेंसेक्स 114 अंक चढ़ गया। यह लगातार तीसरा सत्र रहा जब बाजार में तेजी रही।बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स दिन में एक समय 370 अंक तक चढ़ गया था। अंत में यह 114.29 अंक या 0.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ 30,932.90 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह एनएसई का निफ्टी 39.70 अंक या 0.44 प्रतिशत लाभ के साथ 9,106.25 अंक पर बंद हुआ।कारोबारियों ने कहा कि अर्थव्यवस्था को धीरे-धीरे खोला जा रहा है। अब रेल और हवाई सेवाएं भी शुरू हो रही हैं। इससे निवेशकों में उत्साह है। हालांकि, कोरोना वायरस महामारी की वजह से निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं। सेंसेक्स की कंपनियों में आईटीसी का शेयर सबसे अधिक 7.48 प्रतिशत चढ़ा।

एशियन पेंट्स, हीरो मोटोकॉर्प, मारुति, बजाज ऑटो, सनफार्मा, टीसीएस और एचसीएल टेक के शेयर लाभ में रहे। वहीं दूसरी ओर इंडसइंड बैंक, एनटीपीसी, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी और एलएंडटी के शेयर 2.91 प्रतिशत तक टूट गए। आनंद राठी के प्रमुख इक्विटी रिसर्च (फंडामेंटल) नरेंद्र सोलंकी ने कहा कि अर्थव्यवस्था को धीरे-धीरे खोला जा रहा है। इससे वाहन, आईटी, धातु और एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों में लिवाली देखने को मिली। सोलंकी ने कहा कि कारोबार के अंतिम घंटे में नकारात्मक वैश्विक रुख की वजह से निवेशकों ने कुछ मुनाफा काटा। विश्लेषकों ने कहा कि कोविड-19 के दीर्घावधि प्रभाव को लेकर चिंता तथा अमेरिका-चीन संबंध खराब होने से निवेशकों में बेचैनी है। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप 0.76 प्रतिशत तक चढ़ गए। अन्य एशियाई बाजारों में चीन का शंघाई कम्पोजिट, हांगकांग का हैंगसेंग और जापान का निक्की नुकसान में रहे। दक्षिण कोरिया के कॉस्पी में लाभ रहा।

शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजार नुकसान में थे। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट कच्चा तेल वायदा 1.79 प्रतिशत की बढ़त के साथ 36.39 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अंतरबैंक विदेशी विनिमय बाजार में रुपया 19 पैसे की बढ़त के साथ 75.61 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार भारत में कोविड-19 संक्रमित लोगों का आंकड़ा 1.12 लाख हो गया है। अब तक इस महामारी से 3,435 लोगों की जान गई है। वैश्विक स्तर पर कोरोना वायरस संक्रमित लोगों का आंकड़ा 49.96 लाख हो गया है। इस महामारी से 3.28 लाख लोगों की जान जा चुकी है।