RJD सुप्रीमो लालू यादव बिहार चुनाव के बीच मां दुर्गा की उपासना में लीन हुए

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रांची
बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है, वहीं चुनाव से दूर चारा घोटाले के मामले में सजायफ्ता राष्ट्रीय जनता दल (Rashtriya Janata Dal) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) रिम्स (RIMS) में इलाज के क्रम में केली बंगले में मां दुर्गा की उपासना में लीन है। इस बीच नवरात्र के अवसर पर रिम्स के केली बंगले में ही बकरे की बलि देने की भी तैयारी हो रही है। शारदीय नवरात्र में महानवमी के दिन लालू प्रसाद की ओर से तीन बकरे की बलि देने की चर्चा है। बताया गया है कि पहली बलि बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2020) में जदयू-भाजपा (JDU-BJP) की हार, दूसरी बलि अपने पुत्र तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) के मुख्यमंत्री बनने की कामना और तीसरी बलि चारा घोटाले मामले में खुद के जेल से रिहाई की प्रार्थना को लेकर है।

बकरे की बलि पर उठा सवाल
सजायाफ्ता लालू यादव के केली बंगले में बकरे की बलि को लेकर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर जेल और रिम्स प्रशासन ने इसके लिए इजाजत दी है या नहीं? अगर इजाजत मिली भी है, तो किस नियम के तहत? रिम्स में उनकी देखभाल कर रहे इरफान अंसारी ने गुरुवार को दो बड़े बकरे बंगले में पहुंचाए हैं। बताया गया कि पूजा-पाठ के शौकीन लालू प्रसाद यादव के निर्देश पर बकरे की बलि दी जाएगी। राजद (RJD) ने इस खबर पर लालू यादव का बचाव किया है। पार्टी प्रवक्ता स्मिता लकड़ा ने कहा कि जेल के अंदर भी पूजा पाठ करने की आजादी कानून ने दी है और उन्हें त्योहार मानाने से कोई नहीं रोक सकता है। अगर लालू प्रसाद यादव ने पूजा पाठ की इच्छा जाहिर की है, तो इसमें कोई कैसे हस्तक्षेप कर सकता है।

जमानत याचिका पर नवंबर में सुनवाई
इधर, लालू प्रसाद यादव ने चारा घोटाले के दुमका कोषागार से संबंधित तीसरे मामले में जमानत के लिए झारखंड उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। लालू प्रसाद को चारा घोटाले के दो अन्य मामले में पहले ही उच्च न्यायालय से जमानत मिल गयी है और इस मामले में जमानत मिलने से उनकी जेल से रिहाई संभव हो जाएगी। लालू प्रसाद की ओर से तीसरे मामले में भी अपनी बीमारियों और आधी सजा काट लेने का हवाला देते हुए जमानत का आग्रह किया गया है। बताया गया है कि उच्च न्यायालय में 6 नवंबर को इस याचिका पर सुनवाई हो सकती है।