अयोध्या सांस्कृतिक सीमा को विकसित करने कई योजनाओं की सौगात देंगे पीएम मोदी!

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आधारशिला के साथ 84 कोस में अयोध्या विकसित करने की भी होगी बात

अयोध्या, अयोध्या में 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूमि पूजन के साथ राम मंदिर निर्माण की आधारशिला रखेंगे। इसके अलावा पीएम मोदी अयोध्या की 84 कोस तक फैली सांस्कृतिक सीमा को विकसित करने के लिए लगभग सवा लाख करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं की सौगात भी दे सकते हैं। प्रधानमंत्री के आगमन से पहले कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है तो कुछ नई योजनाएं शुरू भी हो सकती हैं।

शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल भी पर्यटन से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को अंतिम रूप देने पहुंचे। धार्मिक महत्व होने के कारण अयोध्या की हर योजना के केंद्र में भगवान राम और पौराणिक महत्व होने के कारण इन योजनाओं में सरयू को विशेष प्राथमिकता दिए जाने की उम्मीद है। इन योजनाओं को लागू करने से पहले लोगों की जनभावना को भी विशेष महत्व दिया गया है।

परियोजनाओं पर चल रहा है काम
भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना रामायण सर्किट योजना के तहत अयोध्या में लगभग 133 करोड़ से रामकथा गैलरी, महारानी हो मेमोरियल, बस डिपो का निर्माण, दिगंबर अखाड़े में मल्टीपर्पज हाल का निर्माण, पुराने बस अड्डे पर पार्किंग, राम की पैड़ी के सौंदर्यीकरण का कार्य, चौक अयोध्या से हनुमानगढ़ी, कनक भवन होते हुए राम की पैड़ी तक पैदल यात्री मार्ग का नवीनीकरण, पंचकोसी परिक्रमा मार्ग पर यात्री शेल्टर का कार्य, पाटेश्वरी देवी मंदिर, रेलवे स्टेशन पर टीआईसी बूथ का कार्य और गुप्तारघाट पर विकास वगैरह के कार्य हैं।

176 करोड़ की लागत से राम वन गमन मार्ग को स्वीकृति
इनमें से कई पूरे हो चुके हैं और बाकी बचे भी जल्द पूरे हो जाएंगे। 276 करोड़ से अयोध्या-इलाहाबाद मार्ग के प्रथम खंड अयोध्या से सुलतानपुर मार्ग का उच्चीकरण और सुदृढ़ीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। 176 करोड़ की लागत से राम वन गमन मार्ग को स्वीकृति मिल चुकी है। 2 हजार करोड़ से राम जानकी मार्ग बन रहा है।

फैजाबाद-जगदीशपुर मार्ग के फोरलेन मार्ग के परियोजना का शिलान्यास 1056।41 करोड़ और चौरासी कोसी परिक्रमा पथ को एनएच के रूप में पथ के दोनों ओर पौधरोपण व यात्री विश्रामालय के निर्माण की घोषणा लगभग 4 हजार करोड़, राम की पैड़ी निरंतर प्रवाहमान हो और सरयू के घाटों पर साल भर पानी रहे, इसके लिए बैराज निर्माण की घोषणा लगभग 3 हजार करोड़ से स्वीकृत किया गया है।