इंदौर में सफल रही प्लाज्मा थेरपी ? कोरोना के 3 मरीज हुए स्वस्थ

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इंदौर, एमपी सरकार ने कोरोना मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा थेरपी को मंजूरी दी है। इंदौर और भोपाल में मरीजों को प्लाज्मा थेरपी दी गई थी। प्लाज्मा थेरपी से इलाजरत इंदौर के तीनों मरीज बुधवार को ठीक होकर घर लौटे गए हैं। इन मरीजों की सेहत में सुधार नहीं होने पर ठीक हुए मरीजों का प्लाज्मा चढ़ाया गया था। उसके बाद लगातार इनकी सेहत में सुधार होने लगी।

दरअसल, सरकार ने शुरुआत में इंदौर के अरबिंदो अस्पताल को प्लाज्मा थेरपी की अनुमति दी थी। कोरोना से ठीक हुए 2 डॉक्टरों ने अरबिंदो अस्पताल में प्लाज्मा डोनेट किया। प्लाज्मा को अरबिंदो में ही भर्ती अनीश जैन, प्रियल जैन और कपिलदेव भल्ला को 26 अप्रैल को चढ़ाया गया। डॉक्टरों के अनुसार प्लाज्मा थेरपी ने 4 दिन बाद ही अपना असर दिखाना शुरू कर दिया था। गंभीर संक्रमण की चपेट में आए तीनों मरीजों की सेहत में तेजी से सुधार होने लगी।

डाक्टरों को नहीं थी उम्मीद
इंदौर में प्लाज्मा थेरपी सफल होने के बाद अरबिंदो अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर रवि डोसी ने एक स्थानीय अखबार से बात करते हुए कहा कि हमने 4 मरीजों पर प्लाज्मा थेरपी का प्रयोग किया था। हमें उम्मीद नहीं थी कि यह थेरपी इतनी जल्दी असर दिखाएगी। 4 में से 3 मरीज ठीक होकर घर लौट गए हैं। एक और की सेहत में तेजी से सुधार हो रही है, उनकी छुट्टी भी 1-2 दिन में अस्पताल से हो जाएगी।

60 फीसदी डैमेज हो गए थे लंग्स
प्लाज्मा थेरपी से ठीक हुई, प्रियल जैन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि एक्सरे से पता चला कि मेरे लंग्स 60 फीसदी तक डैमेज हो चुके हैं। उसके बाद डॉक्टरों ने प्लाज्मा थेरपी की प्लानिंग की। डॉक्टरों ने मुझे इस बात की जानकारी दी कि यह प्रामणिक इलाज नहीं है, लेकिन कई शहरों में ट्रॉय किया जा रहा है। परिजनों से अनुमति मिलने के बाद प्लाज्मा थेरपी दी गई। 4 दिन बाद परिणाम चौंकाने वाले आए। फेफड़े में सिर्फ 20 फीसदी संक्रमण रह गया था।

३ दिन में बदलाव नजर आया
इंदौर विकास प्राधिकरण के अधिकारी कपिलदेव भल्ला ने बताया कि कोरोना से संक्रमित होने के बाद मेरा ऑक्सीजन लेवल बहुत कम था। 10 दिन अस्पताल में रहने के बाद भी सुधार नहीं हो रहा था। 26 अप्रैल को प्लाज्मा थेरपी दी गई। 29 अप्रैल को चमत्कारिक बदलाव आया और डॉक्टर ने मेरी ऑक्सीजन हटा दी। उसके बाद सारी रिपोर्ट नॉर्मल आने लगीं और 6 मई को अस्पातल से छुट्टी हो गई।