हमारा मेनिफेस्टो घोड़ा था, मोदी सरकार का बिल गधा: अहमद पटेल

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नई दिल्ली, कृषि क्षेत्र में सुधार वाले विधेयकों का विरोध कर रही कांग्रेस पार्टी को बीजेपी 2019 का घोषणापत्र दिखाकर घेर रही है, जिसमें पार्टी ने इसी तरह के कानूनों को लाने का वादा किया था। राज्यसभा में बीजेपी को इसका जवाब देते हुए कांग्रेस के सांसद अहमद पटेल ने कहा कि उनकी पार्टी का मेनिफेस्टो ‘घोड़ा’ था, इसकी ‘गधे’ (मोदी सरकार के विधेयक) से तुलना ना की जाए। सत्तापक्ष की ओर से इस पर आपत्ति जताई गई और इसे असंसदीय बताया गया।

मोदी सरकार की ओर से पेश विधेयकों पर चर्चा के दौरान अहमद पटेल ने कहा, ”मैं उस बारे में बात करूंगा जो बीजेपी अध्यक्ष ने हमारे मेनिफेस्टो को लेकर कहा। यह अच्छा है कि उन्होंने हमारे मेनिफेस्टो को पढ़ा और इसमें से कुछ पॉइंट निकालकर इस बिल के साथ तुलना की। 2019 लोकसभा चुनाव के लिए हमारा मेनिफेस्टो घोटा था और उन्होंने इसकी तुलना गधे से करने की कोशिश की है।”

अहमद पटेल ने कहा, ”उन्होंने मेनिफेस्टो के 22 पॉइंट में से केवल 2 पॉइंट पढ़े हैं। हमने जो सुधार बताए थे उनका उद्देश्य किसानों की मदद करना है, लेकिन मौजूदा बिल में किसानों की सुरक्षा के लिए कुछ नहीं है। बिल केवल कॉर्पोरेट की रक्षा करता है।” पटेल ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की ओर से लाया गया विधेयक एमएसपी सिस्टम को बर्बाद कर देगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के मेनिफेस्टो में किसानों की भलाई के लिए कई योजना था, बीजेपी सरकार यदि लागू करना चाहती है तो पूरे घोषणापत्र को लागू करे।

इससे पहले कांग्रेस और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सदस्यों के बीच तीखी नोंकझोंक हुयी। दोनों दलों के बीच यह नोंकझोंक उस समय हुयी जब कृषि संबंधी दो विधेयकों पर चर्चा में वाईएसआर कांग्रेस के विजय साई रेड्डी ने कांग्रेस के बारे में एक टिप्पणी की।रेड्डी ने विधेयकों का समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में ऐसे ही प्रावधानों का समर्थन किया था लेकिन वह अब विधेयकों का विरोध कर रही है। इस क्रम में उन्होंने कहा, ”यह कांग्रेस का दोहरा मापदंड है….। कांग्रेस के आनंद शर्मा ने रेड्डी की टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सदस्य का आचरण सदन की परंपराओं के अनुसार नहीं है और उन्हें अपने बयान को वापस लेकर माफी मांगनी चाहिए।