प्रदेश के सभी निजी अस्पताल और क्लीनिक को लॉकडाउन के दौरान खोलने के आदेश

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102 सेवा की एंबुलेंस को कोराना रोगियों के लिए प्रयोग नहीं किया जाएगा

लखनऊ, मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने प्रदेश में भर लॉक डाउन के दौरान निजी क्लीनिक व नर्सिंग होम खोलने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर कहा है कि कई जिलों से निजी चिकित्सालयों के बंद होने और मरीजों को न देखने की सूचना मिल रही है। इसलिए मरीजों के हित में लॉकडाउन के दौरान नर्सिंग होम और क्लीनिक को खोलने की व्यवस्था की जाए। ऐसा न करने वाले चिकित्सालयों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

मुख्य सचिव ने आदेश जारी करते हुए कहा कि निजी चिकित्सालयों के प्रबंधकों-प्रतिनिधियों के साथ बैठक करके बताएं कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर मरीजों को देखा जा सकता है। उनको निर्देश दिया जाए कि वह चिकित्सा व उपचार के लिए प्रयोग में आने वाले उपकरणों को क्रियाशील रखें। चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ का एक निश्चित समय के लिए उपस्थिति सुनिश्चित करें। दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता बनाएं रखें।

उन्होंने निजी चिकित्सालयों में समुचित इलाज की व्यवस्था कराने के लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन-आईएमए से सहयोग के लिए भी कहा है। बॉक्स:कोरोना वायरस के लिए 102 एम्बुलेंस पर रोकप्रमुख संवाददाता / राज्य मुख्यालयमां व शिशु को सेवाएं देने वाली 102 एंबुलेंस सेवा का इस्तेमाल कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों के परिवहन के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ. बद्री विशाल ने सोमवार को सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को इसके लिए पत्र लिखा है।

उन्होंने बताया कि कुछ मुख्य चिकित्साधिकारियों ने 102 सेवा की एंबुलेंस को कोविड-19 कार्यों में आरक्षित करने के आदेश दिए हैं। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि 102 सेवा की एंबुलेंस को कोराना रोगियों के लिए प्रयोग नहीं किया जाएगा। वह केवल गर्भवती महिलाओं और बीमार नवजात शिशुओं के परिवहन में ही प्रयोग की जाएंगी। इसलिए मुख्य चिकित्साधिकारी जब तक शासन या महानिदेशालय से 102 एंबुलेंस के लिए कोई दिशा-निर्देश न जारी करें, तब तक उसका उपयोग न करें।

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