जनसामान्य के जायज हित प्रभावित होने पर अधिकारी होंगे जिम्मेदार – हर्षिका सिंह

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जनसामान्य के जायज हित प्रभावित होने पर अधिकारी होंगे जिम्मेदार – हर्षिका सिंह

समय सीमा बैठक में कलेक्टर के निर्देश

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Syed Javed Ali
मण्डला – समय-सीमा एवं विभागीय समन्वय समिति की बैठक में कलेक्टर हर्षिका सिंह ने निर्देशित किया कि सीएम हेल्पलाईन एवं जनसुनवाई सहित अन्य स्तरों पर प्राप्त होने वाली शिकायतों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। प्रकरणों को अनावश्यक बंद न करें, यदि किसी प्रकरण को बंद किए जाने के कारण यदि किसी व्यक्ति के जायज हित प्रभावित होते हैं तो संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। जिला योजना भवन में संपन्न हुई इस बैठक में सीईओ जिला पंचायत तन्वी हुड्डा, अपर कलेक्टर मीना मसराम, एसडीएम प्रथम कौशिक सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।

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कलेक्टर हर्षिका सिंह ने निर्देशित किया कि ’वन वीक-वन ब्लॉक’ के पेटर्न पर काम करते हुए सीएम हेल्पलाईन एवं जनसुनवाई आदि के प्रकरणों को विशेष अभियान चलाकर निराकृत किया जाए। वर्तमान सप्ताह में सभी जिला अधिकारी मवई क्षेत्र का सतत भ्रमण कर लम्बित प्रकरणों का निराकरण करें तथा पंचायत स्तर पर किए गए सर्वे का विश्लेषण कर पात्र हितग्राहियों को शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करें। महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर हर्षिका सिंह ने निर्देशित किया कि आंगनवाड़ी केन्द्रों के स्तर में सुधार लाया जाए। केन्द्रों को मॉडल केन्द्र के रूप में विकसित करें। सभी परियोजना अधिकारी सतत मॉनिटरिंग करके पर्यवेक्षकों के कार्य की समीक्षा करें तथा अगले एक सप्ताह में शतप्रतिशत केन्द्रों की मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कुपोषित बच्चों की सूची आशा एवं एएनएम को साझा करते हुए उनका सतत स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए। कम वजन के बच्चों को रोस्टर बनाकर एनआरसी में भर्ती कराया जाए। उन्होंने पोषण आहार वितरण के संबंध में भी जानकारी ली। खाद्यान्न उठाव एवं वितरण की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने खाद्यान्न की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता की जांच करके ही सेल्समेन खाद्यान्न प्राप्त करें। आधार सीडिंग का कार्य 2 दिवस में पूर्ण करें। मृत या बाहर निवास करने वाले लोगों के नाम हटाने की कार्यवाही करें। आधार कार्ड न होने की दशा में किसी व्यक्ति का नाम न हटाया जाए। किसान क्रेडिट कार्ड की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि केसीसी जारी करना सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी है। पशु, मत्स्य तथा सहकारिता के माध्यम से केसीसी का कार्य जल्द पूर्ण किया जाए। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के दिव्यांगजनों की शैक्षणिक योग्यता तथा कौशल संबंधी जानकारी विभिन्न औद्योगिक इकाईयों, फर्मों में साझा करते हुए उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। जिला रोजगार अधिकारी को निर्देशित किया गया कि मनेरी औद्योगिक क्षेत्र में आवश्यकताओं की जानकारी एकत्र कर जिले के बेरोजगारों को समायोजित कराया जाए। औद्योगिक इकाईयों में जिले के लोगों को प्राथमिकता से रोजगार उपलब्ध कराया जाए। मनरेगा की समीक्षा करते हुए उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में रोजगारमूलक कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। ग्रामीण आजीविका परियोजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने महिलाओं को दिए जा रहे वाहन चालन प्रशिक्षण के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने समूह की महिलाओं को स्टेशनरी, दुग्ध व्यापार, रेशम, मशरूम आदि गतिविधियों से भी जोड़ने के निर्देश दिए। निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अपूर्ण निर्माण कार्यों को जल्द कराने तथा पूर्ण हो चुके कार्यों के पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए। जिला खेल अधिकारी को निर्देशित किया गया कि विभिन्न खेल-कूदों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले ग्रामीण क्षेत्र की किशोरियों एवं महिलाओं की सूची तैयार कर उनके कौशल विकास की योजना तैयार करें। कलेक्टर हर्षिका सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभिन्न कार्यालयों में भुगतान के लम्बित प्रकरणों का नियमानुसार निराकरण किया जाए। छोटे रपटा में तैराक अथवा होमगार्ड सैनिक की ड्यूटी लगाई जाए। सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारियों की जानकारी एवं आवश्यक दस्तावेज सेवानिवृत्ति के एक माह पूर्व तक पेंशन शाखा में जमा किए जाएं। नामांतरण एवं अविवादित बंटवारा के प्रकरणों का निराकरण किया जाए। कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए जिले में बिना अनुमति कोई भी कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएं। यदि किसी या संस्था द्वारा बिना अनुमति के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं तो संबंधित के विरूद्ध कार्यवाही की जाए। सभी अधिकारी कर्मचारी वित्तीय नियमों का पालन करें किसी भी स्थिति में मद परिवर्तन न किया जाए।

सप्ताह के अंतिम कार्यदिवस पर न निकालें जिले के बाहर के कार्य –
कलेक्टर हर्षिका सिंह ने निर्देशित किया कि कोई भी अधिकारी कर्मचारी सप्ताह के अंतिम कार्यदिवस में जिले के बाहर के कार्य न निकालें। सप्ताह के प्रारंभ या मध्य के दिनों में नियमानुसार अनुमति प्राप्त कर ही जिले के बाहर जाएं तथा कार्य पूर्ण कर मुख्यालय वापस आना सुनिश्चित करें। उन्होंने सचेत किया कि कोई भी अधिकारी कर्मचारी बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेगा। कलेक्टर ने जिला अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे मैदानी अमले का भी मुख्यालय सुनिश्चित करें।

आनंदम में सहभागी बनें लोकसेवक –
कलेक्टर हर्षिका सिंह ने अधिकारी कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे अपने घरों में उपलब्ध ऐसी सामग्रियों जो उनके उपयोग में नहीं आ रही है को आनंदम के माध्यम से ऐसे लोगों को उपलब्ध कराएं जिन्हें उन सामग्रियों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्र से कपड़े, पुस्तक, खिलौने आदि सामग्री एकत्र करने के लिए नगरपालिका द्वारा वाहन संचालित किए जाएंगे तथा एकत्रित सामग्री को आनंदम के माध्यम से जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाएगा। इस संबंध में उन्होंने कलेक्ट्रेट में ट्रंक रखने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि लोगों के पास रखी पुरानी पुस्तकों को भी एकत्र किया जाए जिनका उपयोग विभिन्न स्तर पर बन रहे पुस्तकालयों में किया जाएगा। उन्होंने लोकसेवकों से स्वयं तथा अपने परिवार एवं परिचितों को भी आनंदम से जोड़ने का आव्हान किया। कलेक्टर ने आनंदम के शेड पर भी समुचित मरम्मत कराने के निर्देश दिए।

लापरवाही और स्वेच्छाचारिता नहीं चलेगी –
बैठक कलेक्टर हर्षिका सिंह ने कहा कि शासन की प्रत्येक योजनाओं में जनकल्याण की भावना निहित होती है। योजनाओं के संचालन में लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सीएम हेल्पलाईन एवं जनसुनवाई के प्रकरणों के निराकरण की समुचित पहल नहीं किए जाने पर उन सभी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए जिनके द्वारा प्रकरणों पर कोई कार्यवाही नहीं किए जाने से प्रकरण अगले स्तर पर चला गया है। इसी प्रकार बैठक में बिना सूचना दिए अनुपस्थित रहने पर सहायक संचालक मत्स्य को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।