नक्सलियों ने पर्चे फेंककर झामसिंह की मौत और बादल की गिरफ्तारी को बताया कायराना हरकत

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पुलिस की गोली का शिकार हुआ है झामसिंह, बादल ने किया आत्मसमर्पण

नक्सलियों ने पर्चे फेंककर किया उल्लेख

झामसिंह की मौत और बादल की गिरफ्तारी को बताया कायराना हरकत

rafi ahmad ansari
बालाघाट। पिछले 6 सितम्बर को छ.ग के कबीरधाम जिले के बालसमुंद पानी निवासी झामसिंह धुर्वे की मौत पुलिस की गोली से हुई है, इस बात का उल्लेख नक्सिलयों ने पर्चे फेंककर किया है। जहां नक्सलियों ने फेंके हुए बताया कि पुलिस अपनी कायराना हरकतो को छिपाने के लिये उसे नक्सली मुठभेंड बता रही है। तदाशय के संदर्भ में भारत की कम्युनिष्ठ पार्टी (माओवादी) महाराष्ट्र,म.प्र , छ.ग स्पेशल जोनल कमेटी के द्वारा उसी क्षेत्र से लगे जैरासी, देवगांव, पंडरापानी, निक्कुम गांवो के आसपास जंगलो में पर्चे चिपकाये है। जहां पर्चे में उन्होने उक्त घटना की घोर निंदा करने का भी उल्लेख किया है।

माओवादियों के द्वारा फेंके गये पर्चे में उल्लेख है कि 12 सितम्बर को धनिया जोन के जंगल से बादल रातोरात अपनी कायराना हरकतो से कारण फरार हो गया था, जिसको जनता कभी माफ नही करेगी। पर्चे में उल्लेख है कि पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किये गये ईनामी नक्सली बादल उर्फ कोसा मरकाम ने पार्टी से फरार होकर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। फिर बाद में पुलिस ने उसे बांधाटोला के जंगल में ले जाकर अधाधुंंध गोलिया चलाई और मुठभेंड बताकर झामसिंह के घटना पर पर्दा डालने की कोशिश किया, जिसकी भा.क.पा माओवाद घोर निंदा करता है।

पर्चे में डाबरी के दहियानटोला निवासी हिरालाल टेकाम का भी उल्लेख किया है जिसमे कहा गया है कि 24 नवम्बर 2018 को हिरालाल टेकाम को गोदरी के जंगल में पुलिस के द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी थी। जिसे बाद में तत्कालिन एस.पी जयदेवन ने नक्सली मुठभेंड बताया था। पुलिस की आदिवासी विरोधी विचारधारा का उनकी पार्टी घोर निंदा करती है। नक्सलियो ने पर्चे में भा.क.पा माओवाद को सिद्धांतवादी और वसूलो पर चलने वाली पार्टी बताया और कां्रतिकाली शैली में विश्वास करना बताया। उन्होने पर्चे में पीएलजीए में भर्ती होने का उल्लेख किया है और चंद पैसो के लालच में आकर मुखबीरी करने वालो को बंद मुखबीरी बंद करने की बात कही है। यह पर्चा 29 सितम्बर को उपरोक्त गांव में प्राप्त हुए है। इस संदर्भ मे पुलिस अधीक्षक ने भी पुष्टी करते हुए बताया कि तीन चार दिन पूर्व पर्चे मिले है जिसमें बादल की गिरफ्तारी को लेकर लिखा गया है।