1000 करोड़ कर्ज लेगी मप्र सरकार

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पिछले 7 माह में 11 हजार करोड़ रूपए का लिया जा चुका है कर्ज

भोपाल। मप्र की शिवराज सरकार एक बार फिर कर्ज लेने जा रही है। अभी तक सरकार 7 माह में 11 हजार करोड़ रूपए का कर्ज ले चुकी है। प्रदेश में संचालित विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए सरकार कर्ज ले रही है। यह कर्ज केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित सीमा के अंदर लिया जा रहा है।

वित्त विभाग से मिली जानकारी के अनुसार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया मुंबई कार्यालय द्वारा इसके लिए ई कुबेर कोर बैंकिंग सिस्टम के जरिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करने वाली संस्थाओं, एजेंसियों से प्रस्ताव बुलाए गए हैं। इसमें जो सबसे कम ब्याज दर पर सरकार को एक हजार करोड़ रूपए का कर्ज देने के लिए तैयार होगा उससे यह राशि ली जाएगी। इस कर्ज की वापसी 12 वर्ष की समय सीमा में की जाएगी। यह कर्ज राज्य सरकार 7 अक्टूबर 2032 को वापस करेगी।

हर माह लिया जा रहा कर्ज
भाजपा सरकार बनने के बाद प्रदेश पर 11 हजार करोड़ कर्ज का बोझ पड़ चुका है। मार्च महीने में भी शिवराज सरकार ने सिर्फ 7 दिनों में 750-750 करोड़ के दो बार कर्ज लिए थे। कोरोना संकट की वजह से राज्य की अर्थव्यवस्था पर पड़े प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने हाल ही में कुछ राशि जीएसटी की दी है। इसके अलावा केंद्र ने राज्य को लगभग साढ़े 14 हजार करोड़ रुपए अतिरिक्त कर्ज लेने की सशर्त अनुमति भी पहले से दी हुई है।

कर्जे पर कर्जा
कोरोना संक्रमण की वजह से आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। सरकार का कहना है कि न तो निर्माण कार्य गति पकड़ पा रहे हैं और न ही औद्योगिक गतिविधियां पटरी पर आई हैं। इसके कारण करों से होने वाली आय घटी है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस बार बजट का आकार लगभग 28 हजार करोड़ रुपए घटाकर दो लाख पांच हजार करोड़ रुपए से कुछ अधिक रखा है।