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प्रधानमंत्री आवास योजना में फिसड्डी बना मप्र 

नहीं कर पाया गरीबों के लिए 2.90 लाख आवास का निर्माण

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भोपाल। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ बेघर परिवारों को नहीं मिल पा रहा है। मप्र में ही गरीबों को पक्के मकान मुहैया कराने के लिए संचालित इस योजना से करीब 2.90 लाख लोग वंचित है। यूपी, महाराष्ट्र व गुजरात जैसे पड़ोसी राज्यों के मुकाबले यह संख्या बहुत अधिक है। इसके बाद योजना संचालन के लिए तय लक्ष्य 2022 तक इसका फायदा जरूरतमंदों को मिल जाएगा, इस पर संशय जताया जाने लगा हैं।
हितग्राही चयन में देरी के साथ निर्माण प्रक्रिया की धीमी गति इसके पीछे जहां मुख्य वजह बताई जाती है। वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच खींचतान भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है। बताया जाता है कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार आने के बाद योजना मद में केंद्र से मिलने वाली राशि जहां देरी से आई है, वहीं उनमें कटौती भी हुई है। राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल इसके लिए केंद्र सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कह चुके है कि, केंद्र सरकार राज्य को जो राज्यांश देना चाहिए वो नहीं दे रही हैं। इसके पीछे तर्क यह दिया है कि, इससे सिर्फ मध्यप्रदेश में नहीं पूरे देश में दिक्कत हो रही है, जहां 40 परसेंट रेशियो है, राज्य सरकार को उसे पूरा करने में दिक्कत हो रही है। इससे केंद्र सरकार को अवगत करा दिया गया है।
दूसरे चरण में सिर्फ डेढ़ लाख मकान!
गरीबों के लिए आवास निर्माण को लेकर राज्य सरकार की संजदगी लोकसभा में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के एक जबाव से सामने आई। 6 फरवरी 2020 तक के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि, प्रधानमंत्री आवास योजना फेस-2 में केन्द्र ने मध्यप्रदेश को 8 लाख 32 हजार 100 घरों का लक्ष्य दिया था। राज्य सरकार ने 2 लाख 30 हजार घर पहले ही बनाने में असमर्थता जता दी। इसके बाद जो लक्ष्य खुद तय किया उसमें भी राज्य सरकार ने सिर्फ 3 लाख 72 हजार 700 घरों की मंजूरी ही केंद्र को भेजी है। इसमें भी वह अब तक सिर्फ 1 लाख 48 हजार 15 आवास ही पूरे कर पाया है।
2 लाख 90 हजार आवास बनाना है
राज्य सरकार ने योजना के द्वितीय चरण में ही 2 लाख 24 हजार 702 मकान नहीं बनाएं है। जबकि इसके पहले साल 19-20 के पहले 2016 से 2019 के बीच स्वीकृत 14 लाख 2 हजार 823 मकान के विपरीत वह 65 हजार 835 आवासों का निर्माण नहीं करा पाई है।
स्वीकृत के बाद भी नही बनने वाले आवास की संख्या
राज्य  प्रथम    द्वितीय    कुल संख्या
मप्र 65835+224708=290543
महाराष्ट्र 62780+218083=280863
बिहार 342864+727213=1070077
यूपी 21569+52099=73668
प बंगाल 44013+780448=824461
गुजरात 13315+ 81859= 95174
राजस्थान 25410 +302549=327959
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