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एक वर्ष में मण्डला जिले ने रचे विकास के नये कीर्तिमान – नारायण सिंह पट्टा

प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने दी मण्डला जिले के विकास को गति

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एक वर्ष में मण्डला जिले ने रचे विकास के नये कीर्तिमान – नारायण सिंह पट्टा

प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने दी मण्डला जिले के विकास को गति

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Syed Javed Ali

मण्डला- प्रदेश में कांग्रेस की सरकार 15 सालों के बाद सत्ता में काबिज हुई है और सत्ता में आते ही कांग्रेस की सरकार ने प्रदेश के विकास के नये-नये कीर्तिमान गढ़ना प्रारंभ कर दिया है। प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय श्री कमलनाथ जी के नेतृत्व में जिलों के सर्वांगीण विकास के लिए बहुउद्देश्यीय कार्ययोजनाओं के माध्यम से विकास का खाखा तैयार किया जा रहा है और विगत 1 वर्ष में आधारभूत विकास के लक्ष्य की प्राप्ति की गई है। इसी क्रम में आदिवासी बाहुल्य हमारा मण्डला जिला जो पिछले 15 सालों से विकास के नाम पर सिर्फ ठगा जाता रहा है, को विकास के नये आयाम पिछले एक साल में प्राप्त हुए हैं। मण्डला जिले के विकास का जो पहिया थम गया था वह पहिया अब फिर चल पड़ा है और उसे गति देने का काम जिले में कांग्रेस के विधायक, जनप्रतिनिधि व संगठन के पदाधिकारी कर रहे हैं। विगत 1 वर्ष में प्रदेश सरकार ने अनेक ऐसी योजनाओं को लागू किया है जो सीधे तौर पर आम जनमानस को लाभ देने वाली हैं। मण्डला जिले का विकास जो कई मायनों में पिछड़ा हुआ था उसे अब नया स्वरूप मिल रहा है। इसी क्रम में विगत 1 वर्ष में मण्डला जिले में जो विकास के कार्य हुये हैं, उन्हें लेकर बिछिया विधानसभा के विधायक नारायण सिंह पट्टा, नगर पालिकाअध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा अमित शुक्ला व जिला अध्यक्ष संजय सिंह परिहार ने संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए जानकारी दी कि-

1. सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट व सीवर नेटवर्क – जन आस्थाओं की प्रतीक पवित्र माँ नर्मदा के शुद्धिकरण को लेकर विगत 15 वर्षाें से केवल घोषणाऐं की जा रही थी और सीवरेज प्लांट निर्माण व सीवर नेटवर्क बनाने के लिए केवल कागजों में काम चल रहा था। जिसे कांग्रेस की सरकार ने सत्ता में आते ही गंभीरता से लिया और विगत मात्र एक वर्ष में वह कार्य कर दिखाया जो पिछले 15 सालों में नहीं हो सका था। मण्डला नगर पालिका अंतर्गत माँ नर्मदा में मिलने वाले गंदे नालों का निस्तारण व नगर का एक व्यवस्थित सीवरेज नेटवर्क बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने 114 करोड़ की लागत से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, सीवर नेटवर्क व 11 पम्पिंग स्टेशनों के निर्माण की स्वीकृति देते हुए शीघ्र कार्य भी प्रारंभ कराने की दिशा में कार्यवाही कर दी है। इस हेतु 11 पम्पिंग स्टेशनों हेतु भूमि आवंटन किया जा चुका है, अब अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी शीघ्र ही इसका कार्य प्रारंभ करेगी। इसके तहत नगर पालिका क्षेत्र में 147.85 किलोमीटर की सीवर लाईन निर्मित होगी और सभी गंदे नालों का निस्तारण करते हुए उन्हें सीवर नेटवर्क में जोड़ा जावेगा पम्पिंग स्टेशनों के माध्यम से सम्पूर्ण गंदगी सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में भेजी जावेगी इस तरह माँ नर्मदा शुद्धीकरण के लिए कांग्रेस सरकार का यह प्रयास जनता के बीच काफी सराहा जा रहा है।

2. वेटनरी डिप्लोमा काॅलेज की स्थापना- जिले में शैक्षणिक व रोजगार मूलक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश की सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। इसके तहत हाल ही में जिले में वेटनरी डिप्लोमा काॅलेज की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इस हेतु 1 करोड़ रू की प्रारंभिक राशि भी आवंटित कर दी गई है।

3. मोहनटोला से पोंड़ी बायपास- शहर में बढ़ते परिवहन के दबाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है, जिसके तहत मोहनटोला से पोंड़ी महाराजपुर के बीच 2 करोड़ 80 लाख रूपये की लागत से 1200 मीटर लम्बा बायपास निर्माण स्वीकृत किया गया है। शीघ्र ही इसका बजट आवंटन किया जाकर निर्माण कार्य प्रारंभ किया जायेगा।

4. औद्योगिक क्षेत्र हेतु भूमि आवंटन- जिले में उद्योगों की स्थापना व औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिये जिले में औद्योगिक क्षेत्र हेतु भूमि का चिन्हांकन व आवंटन की प्रक्रिया विगत 1 वर्ष से चल रही है। जिसके अंतर्गत हाल ही में विकासखंड मंडला के ग्राम मोहानिया पटपरा में 67 एकड़ भूमि औद्योगिक क्षेत्र हेतु आवंटित की गई है। इसी क्रम में जिले के अन्य क्षेत्रो में भी भूमि का चिन्हांकन किया जा रहा है।

5. अन्र्तराज्यीय बस टर्मिनल का निर्माण- जिला मुख्यालय में सर्वसुविधायुक्त बस स्टेण्ड के निर्माण के लिये विगत 1 वर्ष से प्रयास किये जा रहे थे। जिसके परिणाम स्वरूप शासन से अन्र्तराज्यीय बस टर्मिनल निर्माण हेतु डीपीआर बनाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। डीपीआर बनते ही इसकी स्वीकृति भी शीघ्र प्राप्त हो सकेगी।

6. एकलव्य आवासीय विद्यालयों की स्थापना- जिले में शैक्षणिक गतिविधियों को बढावा देने के लिये 3 नये एकलव्य आवासीय विद्यालयों की स्थापना की जायेगी। इस हेतु भूमि चिन्हांकन व आवंटन की प्रक्रिया वर्तमान में चल रही है। जिले के विकासखंड घुघरी,निवास व नारायणगंज में नये एकलव्य आवासीय विद्यालय खोले जायेंगे।

7. आष्ठान योजनान्र्तगत सामुदायिक भवनो का निर्माण- आदिवासी धर्मसंस्कृति के संरक्षण व संवर्धन की दिशा में कार्य करते हुये जिले के सभी 9 विकासखंडो में आदिवासी धर्मसंस्कृति के देव स्थानो हेतु सामुदायिक भवनों का निर्माण किया जायेगा। इस हेतु जिले के ग्राम चैगान में जिला स्तरीय सामुदायिक भवन 1 करोड़ की लागत से एवं शेष 8 विकासखंडो में 4 करोड़ रूपये की लागत से निर्माण कार्य किये जायेंगे।

8. नया विद्युत संभाग व उपकेन्द्रों का निर्माण- जिले में विद्युत व्यवस्था के संचालन संधारण को बेहतर करने के लिए जिले के विकासखण्ड बिछिया में विद्युत विभाग का नया संभाग बनाया गया है। पहले जिले में एक ही संभाग हुआ करता था जिसके कारण सम्पूर्ण जिले की व्यवस्थाओं का संचालन सही ढंग से नहीं हो पाता था इस हेतु बिछिया विधायक श्री नारायण सिंह पट्टा के अथक प्रयासों से जिले में विद्युत विभाग का एक और संभाग स्वीकृत किया गया है। जिसका मुख्यालय बिछिया निर्धारित किया गया है। वहीं उपकेन्द्रों के माध्यम से सही व्यवस्थाएंे संचालित हो सके इस हेतु विकासखण्ड मवई के ग्राम खलौड़ी मोतीनाला व विकासखण्ड नारायणगंज के ग्राम भावल में दो नये विद्युत उपकेन्द्र स्वीकृत किये गये हैं वहीं सूदूर वनांचल क्षेत्र मवई की वितरण व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए विकासखण्ड मुख्यालय मवई में नया विद्युत वितरण केन्द्र स्वीकृत किया गया है।

9. मुख्यमंत्री मदद योजना- मुख्यमंत्री मदद योजना के अंतर्गत जिले के 1250 से अधिक गांवों में लगभग 3 करोड़ रू की लागत से आदिवासी समाज को बर्तन प्रदाय किये जा रहे हैं, जिनसे आदिवासी समाज के विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों में इनका उपयोग किया जा सकेगा। वहीं आदिवासी समाज अंतर्गत परिवार में बच्चे के जन्म के समय 50 किलो आनाज मुफ्त प्रदाय किया जावेगा वहीं परिवार में किसी की मृत्यु होने पर उस परिवार को 100 किलो अनाज मुफ्त प्रदाय किया जावेगा।

10. जय किसान ऋण माफी योजना- कांग्रेस सरकार की घोषणा के अनुरूप प्रदेश में किसानों के कर्ज माफ किये गये हैं और ़ऋण माफी की यह प्रक्रिया निरंतर रूप से चल रही है। प्रथम चरण में जिले में 23 हजार से अधिक किसानों का कर्ज माफ किया जा चुका है और दूसरा चरण अभी प्रगति में हैं। इसके पश्चात तृतीय और चतुर्थ चरण में भी किसानों के कर्ज माफ किये जायेगें।

11. सड़कों का निर्माण- जिले में व्यवस्थित सड़कों का निर्माण हो सके इस हेतु प्रदेश सरकार ने विगत 1 वर्ष में जिले को अनेकों सड़कों की स्वीकृति प्रदान की है, और कुछ सड़कों का निर्माण कार्य प्रांरभ हो चुका है। इसके अंतर्गत विकासखण्ड घुघरी के ग्राम सलवाह से डिण्डौरी जिले के अमरपुर को जोड़ने वाली सड़क जिसकी लंबाई 19 किमी है का निर्माण 18 करोड़ की लागत से किया जा रहा है। वहीं लोक निर्माण विभाग के माध्यम से जिले के अन्य क्षेत्रों में भी छोटी-छोटी सड़के स्वीकृत की गई हैं, जिनका निर्माण कार्य प्रगतिरत है।

12. स्मार्ट क्लाॅस की स्थापना- प्रदेश में पहले जिले के तौर पर मण्डला में शासकीय स्कूलोें में स्मार्ट क्लाॅस संचालन की प्रक्रिया चल रही है जिसके तहत पायलट स्कूल के रूप में शासकीय जगन्नाथ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 02 की 10 कक्षाओं में स्मार्ट क्लाॅस की स्थापना की गई है, इसी क्रम में अन्य शासकीय स्कूलों में भी स्मार्ट क्लाॅस स्थापित की जावेगी ताकि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी अत्याधुनिक सुविधा के साथ अध्यापन कर सकें।

13. स्कूलों का जीर्णाेद्धार- जिले के शासकीय स्कूलों का जीर्णाेद्धार व भवन विहीन स्कूलों के भवन निर्माण हेतु प्रक्रिया चल रही है जिसके तहत रानी आवंती बाई शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मण्डला का जीर्णाेद्धार कार्य प्रारंभ किया गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रो के अनेक भवन विहीन स्कूलों के निर्माण के लिए राशि जारी कर दी गई है।

14. हाॅलोन पेयजल परियोजना- जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट का समाधान निकालने की दिशा में हाॅलोन पेयजल परियोजना की स्वीकृति के लिए विगत 1 वर्ष से प्रयास किया जा रहा था जो कि अब अपनी सफलता की ओर हैं। आज 08 फरवरी 2020 को भोपाल में प्रदेश जल निगम बोर्ड की बैठक हैं जिसमें जिले की हाॅलोन पेयजल परियोजना की स्वीकृति मिलने की पूरी संभावना हैं। इस योजना के तहत 531 करोड़ की लागत से जिले के 446 ग्रामों में पेयजल सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी।

15. गौशालाओं का निर्माण- जिले के सभी विकासखण्डों में गौशालाओं का निर्माण किये जाने की प्रक्रिया चल रही है जिसके तहत कुछ विकासखण्डों में निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुके हैं वही शेष विकासखण्डों में भूमि आवंटन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन हैं। इसके तहत जिले के प्रत्येक विकासखण्ड में 26-26 लाख की लागत से दो-दो गौशालाओं का निर्माण किया जायेगा।

उपरोक्त विकास कार्याें के अतिरिक्त अन्य विकास योजनाएँ भी हैं जिनमें निरंतर कार्य किया जा रहा है और आने वाले समय मेें मण्डला जिले के सर्वांगीण विकास के लिए ये योजनाएँ मील का पत्थर साबित होंगी। मण्डला जिले के विकास का थमा हुआ पहिया विगत एक वर्ष से गतिमान हो गया है और अब हमारी जवाबदारी है कि विकास के इस पहिये को हम निरंतर गतिमान रखें।

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