मंडला जिला न्यायालय का अनोखा फैसला, अधिवक्ता संघ ने बताया ऐतिहासिक

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मंडला जिला न्यायालय का अनोखा फैसला, अधिवक्ता संघ ने बताया ऐतिहासिक

अग्रिम जमानत के आवेदक को जिला अधिवक्ता संघ के खाते में 5 हज़ार रूपये जमा करने का दिया आदेश

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Syed Javed Ali
मंडला – जिला एवं सत्र नयायधीश ने एक अनोखा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने एक अग्रिम जमानत के मामले में आवेदक को इस शर्त पर जमानत देना स्वीकार किया कि वो जिला अधिवक्ता संघ के खाते में 5 हज़ार रूपये जमा करेगा। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि आवेदक बार के उन सदस्यों की सहायता एवं पुनर्वास के लिए दान स्वरूप 5 हज़ार रूपये की राशि जमा करेंगे जो कोविड-19 महामारी के कारण और अदालत के लॉकडाउन और प्रतिबंधात्मक कामकाज के चलते वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं। जिला अधिवक्ता संघ, न्यायालय के फैसले से काफी खुश है और इसे ऐतिहासिक बताते हुए न्यायालय का आभार जता रहा है। उसे लग रहा है कि प्रदेश में यह फैसला नज़ीर बनेगा।

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मंडला जिला एवं सत्र नयायधीश ने एक अनोखा फैसला सुनाया है। इस अनोखे फैसले के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए शासकीय अभिभाषक / लोक अभियोजक विजय कुमार यादव ने बताया कि यह मामला आर.सी. वार्ष्णेय, जिला सत्र न्यायाधीश मंडला के न्यायालय का है। रेत चोरी के मामले में आरोपी की तरफ से अग्रिम जमानत का आवेदन लगाया गया था। उसमें बताया गया था कि ड्राइवर की अग्रिम जमानत हो गई है इसलिए आवेदक को भी अग्रिम जमानत प्रदान की जाए। इस पर लोक अभियोजक द्वारा आपत्ति दर्ज की गई। उनका कहना था कि रेत माफिया इस तरह ड्राइवर के ऊपर मामला बना कर चोरी करवाते हैं। न्यायालय दोनों पक्षों को सुनने और केस डायरी का पूरा अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने आदेश दिया कि यदि आरोपी ₹5000 जिला अधिवक्ता संघ के खाते में नए वकील या आर्थिक रूप से कमजोर वकीलों के लिए कोविड-19 के मद्देनजर आर्थिक सहायता के लिए जमा करें तो उसे जमानत दी जा सकती है। शासकीय लोक अभियोजक का मानना है कि इसमें न्यायालय ने कोविड-19 को दृष्टिगत रखते हुए मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए यह फैसला सुनाया है। यह काफी अच्छा फैसला है और इससे आर्थिक मदद मिलेगी। उनका मानना है कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा यह फैसला सुनाया गया है तो अधीनस्थ न्यायालय को भी इसी नजीर के रूप में देखना चाहिए।

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जिला सत्र न्यायाधीश द्वारा अग्रिम जमानत के आवेदक को 5 हज़ार रूपये की राशि जिला अधिवक्ता संघ के खाते में जमा करने के आदेश से जिला अधिवक्ता संघ काफी खुश हैं और इस फैसले को ऐतिहासिक बता रहा है। जिला अधिवक्ता संघ के जिलाध्यक्ष अधिवक्ता मनोज गुप्ता का कहना है कि अग्रिम जमानत के लिए माननीय न्यायालय के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया गया। न्यायाधीश द्वारा जिला अधिवक्ता संघ के खाते में 5 हज़ार रूपये जमा करने का आदेश दिया है। इसका उपयोग आर्थिक रूप से कमजोर अधिवक्ताओं को सहायता के लिए किया जायेगा। उनका कहना है कि यह मंडला जिला न्यायालय के लिए ही नहीं बल्किपूरे प्रदेश के न्यायालयों के लिए नजीर है। पिछले 6 महीनों से जिला अधिवक्ता संघ जिस तरह की आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं उसके लिए यह फैसला मील का पत्थर साबित होगा।