लालपुर, धामनगांव और तोरगा बीट के जंगलों में माफिया का कहर

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बेशकिमती सागौन के पेडो की हो रही अधाधुन कटाई

वनविभाग निष्क्रिय, वन तस्कर सक्रिय

rafi ahmad ansari
बालाघाट। विश्वसनीय सुत्रो के मुताबिक बिरसा वन परिक्षेत्र अंतर्गत सालेटेकरी सर्किल में इन दिनों वन माफिया अपने कार्य को बेखौफ होकर अंजाम दे रहे है, ऐसे में वन विभाग की निष्क्रियता भी साफ उजागर हो रही है। सुत्रो ने बताया कि आये दिन बेखौफ होकर तस्कर सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई कर मालामाल हो रहे है और वन अमला कुम्भकर्णी नींद में सोया हुआ है। सालेटेकरी सर्किल के लालपुर,धामनगांव और तोरगा बीट के जंगलों में बेशकिमती पेडो की अधाधुन कटाई की गई है जहां मुख्य मार्ग से थोड़ा अंदर जाने पर वनविभाग के दावों की पोल खुलती हुई नजर आयेगी। एक ओर वन विभाग हर साल लाखों करोड़ों खर्च कर पौधे का रोपण करता है, परंतु जंगल के अंदर जाकर देखा जाये तो कई जगहो पर पौधे ही नजर नही आते, नजर आयेंगें तो सिर्फ सागौन के ठूठ। इससे साफ पता चलता है कि वन विभाग के जिम्मेंदार अधिकारी और कर्मचारी अपने दायित्वों का सही मायने में निर्वहन नही कर रहे है। अपने बड़े अधिकारियों को खुश करने के लिये साल छ: महीने में दो-चार केश बनाकर देना, बिरसा वन परिक्षेत्र के अधिकारियों कर्मचारियों के कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहा है। अभी कुछ दिन पहले सालेटेकरी सर्किल के प्रभारी को निलंबित कर दिया गया, फिर भी वनविभाग के सुस्त रवैया से वनों की अवैध कटाई जोरो से हो रही है।

सुत्र बताते है कि जिम्मेंदार, अपने कार्य के प्रति लापरवाह है, जो कोई भी वनो की कटाई का नजारा देखता है, जिम्मेंदारो की कार्यप्रणाली पर सवाल ही खडा करता है। ग्रामीण सुत्रो से पता चला कि चौकीदार व बीटगार्ड कभी कभार जरूर दिख जाते है। ऐसे में वन की सुरक्षा कैसे होगी? यह अपने आप में बडा सवाल है। जिम्मेंदारो के द्वारा अपने क्षेत्रों का भ्रमण नही किये जाने से वनों का सफाया हो रहा है। इस सदंर्भ में हमने बिरसा परिक्षेत्र अधिकारी ”सपन ताम्रकार” से फोन पर चर्चा करके जानकारी दी, उन्होने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वे लगातार वन क्षेत्रो का भ्रमण कर रहे है, इस सदंर्भ में जानकारी दी गई है तो इसकी जांच पडताल उनके द्वारा कराई जायेगी। इधर ग्रामीण सुत्रों का आरोप है कि ऐसे ही वन कर्मचारी बैठे रहे तो एक दिन पूरा जंगल साफ हो जायेगा। यदि कोई ग्रामीण जलाऊ लकड़ी लाते पकड़ा जाता है कि इन्ही अधिकारी कर्मचारियों के द्वारा भारी भरकम राशि जुर्माने के तौर पर वसुली जाती है। अब ऐसे में ग्रामीणो ने वनों की सुरक्षा का दायित्व ”भगवान भरोसे” ही बताया है।