नियमितीकरण की मांग को लेकर कोविड स्वास्थ्यकर्मियों ने सौंपा ज्ञापन

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amjad khan

शाजापुर। कोरोना संक्रमित मरीजों के सीधे संपर्क में रहने वाले अस्थाई तौर पर रखे गए कोविड स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य जिला अधिकारी को विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने भी कर्मचारियों की मांगों को जायज ठहराते हुए उनकी हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। शनिवार को सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि कोविड 19 स्वास्थ्य कर्मचारी जो सबसे फ्रंट लाईन में रहकर कोरोना पॉजिटिव मरीजों का उपचार कर रहे हैं। सरकार द्वारा अस्थाई रुप से नियुक्त किए गए कोरोना योद्धाओं द्वारा कोरोना संक्रमित मरीजों के सीधे संपर्क में रह कर कोरोना जैसी विकराल महामारी में भी मानवता दिखाते हुए सेवा दे रहे हैं और कर्मचारियों को कई प्रकार की कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। संक्रमित मरीजों के उपचार के दौरान कई स्वास्थ्यकर्मी अस्वस्थ भी हो गए, लेकिन इसके बाद भी उन्होने अपनी जान की परवाह किए बिना समाज की सेवा की है, लेकिन अब सरकार द्वारा अस्थाई तौर पर नियुक्त किए गए स्वास्थ्य कर्मीयों की मांग को नही माना जा रहा है और सौतेला व्यवहार करते हुए उनकी सेवा समाप्त किए जाने का निर्णय लिया गया है। ज्ञापन का वाचन करते हुए ऋतुराज गुर्जर ने कहा कि सिंहस्थ में केवल 2 माह काम करने वाले होमगार्ड को स्थाई नौकरी सरकार द्वारा दी गई है तो महामारी के समय सेवा देने वाले आयुष डॉक्टर, नर्स, लेब टैक्निशियन, फार्मासिस्ट का भी नियमितीकरण किया जाए। ज्ञापन चेतावनी दी गई कि यदि मांग पूरी नही की गई तो पूरे प्रदेश में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। ज्ञापन देते समय राजेन्द्र मंडलोई, राहुल धाकड़, विजेन्द्र कटारिया, संजय चांदना, सद्दाम अली, कमल परमार, राजेश मगरोलिया, संतोष खरसोदिया, अनिल मालवीय, ऊषा मेवाड़ा, संगीता मालवीय, अर्जुन आदि उपस्थित थे।