JCC की बैठक में बांग्लादेश को दिया भरोसा, भारत UN के जरिये रोहिंग्या समस्या के समाधान के लिए कदम उठाएगा

0
3

 नई दिल्ली 
भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के अस्थायी सदस्य के तौर पर रोहिंग्या समस्या के जल्द समाधान और शरणार्थियों की सुरक्षित म्यांमार वापसी के लिए प्रभावशाली तरीके से प्रयास करेगा। बांग्लादेश की मांग पर भारत ने ये भरोसा दिया है। दोनों देशों ने रोहिंग्या समस्या के चलते कट्टरपंथ के खतरे को स्वीकार किया। भारत और बांग्लादेश के विदेश मंत्रियों के स्तर की संयुक्त सलाहकार आयोग (जेसीसी) की छठी बैठक में ये मुद्दा उठा। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमेन की अध्यक्षता में हुई वर्चुअल बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

बांग्लादेश ने उम्मीद जताई कि यूएनएससी में अस्थायी सदस्य के तौर पर रोहिंग्या समस्या के जल्द समाधान के लिए भारत कदम उठाए। दोनों देशों ने माना कि अगर इस समस्या का शीघ्र समाधान नही हुआ तो कट्टरपंथी तत्व इलाके के विकास में रोड़ा खड़ा कर सकते हैं। ये दोनों देशों के हित में नहीं होगा। इस समय बांग्लादेश इन्हें अपने देश में शरण दिए हुए हैं। संयुक्त आयोग की बैठक में दोनों देशों ने आतंकवाद से साझा तरीके से निपटने की रणनीति, व्यापार संतुलन, रक्षा सहयोग, साझा परियोजनाओं को गति देने जैसे मुद्दों पर चर्चा की।

बांग्लादेश को वैक्सीन देने का भरोसा
भारत ने बांग्लादेश को नेबरहुड पॉलिसी के तहत कोविड वैक्सीन तैयार होने पर समुचित उपलब्धता का भरोसा दिया है। भारत ने बांग्लादेश को इस दिशा में चल रहे काम की जानकारी दी है। दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने अपने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे भारत में वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल, उत्पादन व वितरण की रणनीति को लेकर सतत संपर्क रहें और सूचनाओं का आदान प्रदान करें।

तीस्ता जल विवाद पर जल्द बात
दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने तीस्ता जल विवाद के समाधान के लिए जल्द विचार-विमर्श का संकेत दिया। अन्य नदियों के जल वितरण को लेकर भी बैठक में बात हुई।

सुरक्षा समन्वय बढ़ेगा
दोनों देशों ने कहा कि आतंकवाद को हर रूप में परास्त करने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है। भारत – बांग्लादेश सीमा पर आम नागरिकों की मौत का मुद्दा भी बैठक में उठा। तय हुआ कि दोनों देश के सुरक्षाबल समन्वय बढ़ाने के लिए संपर्क में रहेंगे।

बैठकों का दौर
दिसंबर में भारत और बांग्लादेश के प्रधानमंत्रियों के बीच वर्चुअल द्विपक्षीय बातचीत होगी। इसके पहले नवंबर में वार्षिक रक्षा संवाद होगा। जल्द ही दोनों देशों के बीच गृह सचिव स्तर की वार्ता और काउंसलर वार्ता भी होगी।

संपर्क बढ़ाने पर जोर
भारत और बांग्लादेश कोविड के दौरान एयर बबल सर्विस भी सीमित तरीके से शुरू कर सकते हैं। बांग्लादेश ने अपने नागरिकों को चिकित्सा हेतु वीजा देने और भारत मे पढ़ रहे छात्रों की एंट्री व वीजा की मांग की है।