सुप्रीम कोर्ट पहुंचा जमीयत उलेमा-ए-हिंद, मुस्लिम समुदाय पर दोषारोपण का लगाया आरोप

याचिका में जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने कोर्ट से केंद्र सरकार को दुष्प्रचार रोकने

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याचिका में जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने कोर्ट से केंद्र सरकार को दुष्प्रचार रोकने

नई दिल्ली, दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के धार्मिक कार्यक्रम में शामिल कई लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण पाए जाने के बाद से ही जमात के लोग मीडिया के निशाने पर हैं। इस बीच जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। जमीयत ने मीडिया के एक वर्ग पर जमात के कार्यक्रम को लेकर सांप्रदायिक नफरत फैलाने का आरोप लगाया है।

अपनी याचिका में जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने कोर्ट से केंद्र सरकार को दुष्प्रचार रोकने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश देने की अपील की है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद और उसके कानूनी प्रकोष्ठ के सचिव की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि तबलीगी जमात की दुर्भाग्यपूर्ण घटना का इस्तेमाल पूरे मुस्लिम समुदाय को दोष देने में किया जा रहा है। पिछले महीने निजामुद्दीन मरकज में तबलीगी जमात के कार्यक्रम में कम से कम 9 हजार लोगों ने भाग लिया था।

देश में कोरोना के 4 हजार से ज्यादा मामले
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि देश में कोरोना वायरस के कुल 4 हजार से अधिक मामलों में से 1 हजार 445 मामले तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों से जुडे़ हैं। बता दें कि देश में इस खतरनाक वायरस के अब तक 4,281 पॉजिटिव केस आ चुके हैं। इस बीमारी से 318 लोग ठीक हो गए हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और एक मरीज को दूसरी जगह भेजा गया है। अब तक 111 मरीजों ने कोरोना से जान गंवाई है।