नंबर वन के लिए फिर कवायद शुरू यूएमसी सेवा एप टेस्टिंग में, निगम अमले को प्रशिक्षण मिला

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brijesh parmar

उज्जैन।स्वच्छता सर्वेक्षण में एक बार फिर लाख प्रयास के बावजूद पिछडने पर भी नगर निगम उज्जैन ने नए सिरे से प्रयास शुरू किए हैं।पूर्व में एप का नागरिकों से गेप होना सामने आया था।नागरिकों की शिकायतों के लिए युएमसी सेवा एप लाया जा रहा है। नगर निगम के अधिकारियों को इसका प्रशिक्षण दिया गया है।

नगर निगम द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण में उच्च स्थान प्राप्त करने तथा नागरिकों की शिकायतों का संतुष्टि पूर्वक निराकरण कराने के उद्देश्य से यूएमसी सेवा सिटीजन एप बनवाया गया है। एप के माध्यम से नागरिक सफाई व्यवस्था, अतिक्रमण, प्रकाश व्यवस्था, आवारा मवेशियों की समस्या, पेयजल व्यवस्था इत्यादि से सम्बंधि शिकायतों को दर्ज कर फोटोग्राफ अपलोड कर सकते हैं, शिकायत की स्थिति देख सकते हैं, शिकायत का निराकरण होने पर नागरिक यदि संतुष्ट है तो वह संतुष्टि का आपशन का युज कर सकते है तथा संतुष्ट नहीं होने पर असंतुष्ट का आपशन का उपयोग कर शिकायत को रिओपन कर सकते है।इसे टेस्टिंग के बाद नागरिकों के उपयोग हेतु लांच किया जाएगा।एप के माध्यम से नागरिक डायरेक्ट मोबाईल नम्बर से रजिस्ट्रेशन कर सफाई व्यवस्था, अतिक्रमण, प्रकाश व्यवस्था, आवारा मवेशियों की समस्या, पेयजल व्यवस्था इत्यादि से सम्बंधि शिकायतों को दर्ज कर फोटोग्राफ अपलोड कर सकेंगे। नागरिकों द्वारा दर्ज की गई शिकायत एप से लिंक आफिशियल एप स्मार्ट सिटी 311 पर शो होगी जिसे सम्बंधित अधिकारी को तत्काल देखना होगा तथा दी गई समय सीमा में इसका निराकरण कर उससे सम्बंधित फोटोग्राफ अपडेट करने होंगे।

कुछ ऐसा है एप

यूएमसी सेवा सिटीजन एप को नागरिकों की सुविधा अनुसार बनवाया गया है यदि कोई नागरिक सफाई व्यवस्था से सम्बंधित शिकायत दर्ज कराना चाहते है तो उनके सामने एक लिस्ट ओपन होगी जिसमें सफाई से संबंधित बिन्दु मृत पशु उठाना, नाले एवं नालियों की सफाई करवाने, कचरा गाड़ी समय पर ना आने इत्यादि किसी भी आप्शन पर क्लिक कर नागरिक अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है। शिकायत के निराकरण की समय सीमा भी कार्य की स्थिति के आधार पर तय की गई है। इसी के साथ ही नागरिक एप के माध्यम से कचरा वाहनों के वार्ड में तथा घर तक पहुंचे की स्थिति को भी ट्रेक कर सकेगा।

पहले नगर निगम अमले की टेस्टिंग पर

अधिकारियों के प्रशिक्षण के दौरान आयुक्त क्षितिज सिंघल ने बताया कि अभी हम इस एप की टेस्टिंग करेंगे। नोडल अधिकारी तथा सफाई अमला स्वयं सिटीजन एप पर शिकायत दर्ज करेंगे और उसका निराकरण करेंगे। टेस्टिंग के दौरान हम यह देखेंगे की शिकायत दर्ज हो रही है या नहीं, शिकायत सम्बंधित विभाग तथा अधिकारी/कर्मचारी को प्राप्त हो रही है या नहीं तथा शिकायत के निराकरण उपरांत शिकायत संतुष्टिपूर्वक बंद हो रही है या नहीं। एप से प्राप्त होने वाली शिकायतों का मेरे स्वयं के द्वारा प्रत्यक्ष रूप से नियमित जांच की जाएगी के कोई शिकायत पेंडिंग तो नहीं है।प्रशिक्षण के दौरान कचरा वाहनों की ट्रेकिंग हेतु बनाई गई वेवसाईट के प्रशिक्षण के दौरान आयुक्त ने कहा कि वेस्ट कलेक्शन को मैनेज करना है इस ट्रेकिंग सिस्टम के माध्यम से हमें कचरा वाहन के तय समय अनुसार वार्ड में जा रही है या नहीं, लेट तो नहीं हो रही, खराब तो नहीं है, कचरा लेने में एक स्थान पर कितना समय लग रहा है इत्यादि जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। इससे नागरिकों की कचरा गाड़ी नहीं आने सम्बंधित समस्या में भी कमी आऐगी।प्रशिक्षण उपायुक्त भविष्य खोब्रागडे़ ने दिया ।प्रशिक्षण में  अपर आयुक्त पवन कुमार , मनोज पाठक, उपायुक्त सहित समस्त कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री, उपयंत्री, स्वास्थ्य अधिकारी, स्वास्थ्य निरीक्षक, दारोगा, मेट एवं नोडल अधिकारी उपस्थित रहें।

यूएमसी सेवा सिटीजन एप बनाया गया है जिसे हमारे द्वारा स्मार्ट सिटी311 आफिशियल एप से लिंक किया गया है।टेस्टिंग के बाद शीघ्र एप लांच किया जाएगा ।

– क्षितिज सिंघल,आयुक्त नगर निगम,उज्जैन