ट्रेनों के बंद होने से सैकड़ों लोग हुए बेरोजगार, बेरछावासियों ने स्टेशन पर की ट्रेन स्टॉपेज की मांग

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amjad khan
शाजापुर/बेरछा। आमदिनों में कभी सबसे ज्यादा चहल-पहल वाला बेरछा रेलवे स्टेशन इन दिनों ट्रेन के स्टापेज नही होने से पूरी तरह सूना पड़ा हुआ है। टे्रनों के बंद होने से बेरछा के लोगों को बेरोजगारी का सामना करना पड़ा है और इसीके चलते अब उन्होने बेरछा स्टेशन पर ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग शुरू की है। बेरछावासियों का कहना है कि कोरोना काल के शुरू होने के बाद से बेरछा को मानों जैसे किसी की नजर लग गई है, यही कारण है कि बेरछा का 70 प्रतिशत व्यवसाय जो रेलों पर निर्भर है आज पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। रेल के साथ ही बेरोजगारी भी बढ़ गई है। बेरछावासियों ने बताया कि रेलवे द्वारा कोविड स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जा रहा है, लेकिन इन रेलों का स्टापेज बेरछा स्टेशन पर नही किया गया है। रेलवे के इस निर्णय के कारण लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि बेरछा से उज्जैन रेल के माध्यम से सैकड़ों लोग मजदूरी करने जाते थे लेकिन अब वे बेरोजगार हैं। इसीके साथ लगभग 50 बसों का संचालन बेरछा से होता था जिसमें कार्य करना वाले 200 लोगों का स्टॉफ भी बेरोजगारी का दंश झेल रहा है। बेरछा के रहवासियों का कहना है कि नागदा और कोटा के बीच लोकल ट्रेन चलाई जा रही हैं तो उज्जैन भोपाल के बीच भी ट्रेन चलाई जाना चाहिए। इसीके साथ राजकोट ट्रेन का स्टापेज भोपाल के बाद सभी स्टेशनों पर है, लेकिन अकोदिया, बेरछा में इसका स्टापेज नही है। रहवासियों ने मांग की है कि व्यवस्था में सुधार किया जाकर बेरछा स्टेशन पर भी ट्रेनों का स्टापेज किया जाए।